नोएडा: दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा की सड़कों और खाली प्लॉटों पर अवैध रूप से कब्जा जमाए कबाड़खानों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने अब कमर कस ली है. शहर की सूरत बिगाड़ने वाले और सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे इन कबाड़खानों को अब पूरी तरह ‘सिस्टम’ में लाया जाएगा. अब शहर में कबाड़ का कारोबार वही कर पाएगा जिसके पास लाइसेंस होगा. प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन और एनओसी के अब एक भी कबाड़ की दुकान नोएडा की सीमा में नजर नहीं आएगी.
नोएडा के गांव, डूब क्षेत्र और खाली पड़े सरकारी भूखंडों पर अवैध कबाड़ियों ने तेजी से अपने पैर पसारे हैं. प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह के अनुसार, इन अवैध ठिकानों की वजह से न केवल गंदगी और अतिक्रमण बढ़ रहा है, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चुनौतियां पैदा हो रही हैं. कई बार अवैध कबाड़खानों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां भी देखने को मिलती हैं, जिसे देखते हुए प्राधिकरण ने अब इनका पूरा डेटा तैयार करने का फैसला लिया है.
सर्वे के लिए बनेगी स्पेशल कमेटी
अवैध कबाड़ कारोबार को खत्म करने के लिए प्राधिकरण एक विशेष कमेटी का गठन करने जा रहा है. यह कमेटी नोएडा के कोने-कोने में जाकर सर्वे करेगी. इसमें देखा जाएगा कि किस सेक्टर या गांव में कितने कबाड़ केंद्र चल रहे हैं. कमेटी इन कारोबारियों की पहचान कर उनका एक मजबूत डेटाबेस तैयार करेगी. इस अभियान का मकसद शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना और कबाड़ के काम को एक संगठित बिजनेस का रूप देना है.
रजिस्ट्रेशन के लिए माननी होंगी ये शर्तें
प्राधिकरण की नई योजना के तहत अब कबाड़ियों को ‘स्मार्ट’ और ‘लीगल’ बनना होगा. कारोबार जारी रखने के लिए ये नियम अनिवार्य होंगे:
- प्रदूषण बोर्ड की एनओसी: सबसे पहले उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी (NOC) लेनी होगी.
- पुलिस वेरिफिकेशन: सुरक्षा के लिहाज से संचालक का पुलिस सत्यापन जरूरी होगा.
- प्राधिकरण में पंजीकरण: इन दस्तावेजों के बाद नोएडा प्राधिकरण में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
बिना रजिस्ट्रेशन तो होगी कार्रवाई
प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एक बार पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद शहर में केवल ‘पंजीकृत कबाड़ी’ ही काम कर पाएंगे. जो लोग बिना रजिस्ट्रेशन या चोरी-छिपे कबाड़ का काम करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके ठिकानों को तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा. इससे न केवल शहर की सफाई व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि कबाड़ के नाम पर होने वाले अवैध कब्जों पर भी लगाम लगेगी.
