संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी इंस्टीट्यूशंस ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (जीआईएमएस) में पीजीडीएम बैच 2023–25 का दीक्षांत समारोह 11 फरवरी 2026 को गरिमामय और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन और भविष्य की नई संभावनाओं का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा के समापन और व्यावसायिक जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उपाधि पहचान अवश्य देती है, लेकिन व्यक्ति का चरित्र, दृष्टिकोण, कार्य-संस्कृति और नैतिक मूल्य ही उसे उत्कृष्ट बनाते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में प्रबंधन शिक्षा केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने जीएनआईओटी समूह की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा की और कहा कि उनकी दूरदर्शिता, शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता और कुशल प्रबंधन के कारण संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है।
विशिष्ट अतिथि नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, क्षेत्रीय महामंत्री (संगठन), भारतीय जनता पार्टी, बिहार–झारखंड ने विद्यार्थियों को राष्ट्रहित, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। समारोह की अध्यक्षता जीएनआईओटी समूह के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने की। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक परंपरा, उद्योग–संस्थान सहयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जीएनआईओटी समूह उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने हेतु सतत प्रयासरत है।
इस अवसर पर निदेशक भूपेन्द्र कुमार सोम, भाजपा नेता नीरज सिंह, महेन्द्र कुमार, कुलसचिव अनिल मधवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि, प्राध्यापक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन शालिनी शर्मा ने प्रभावशाली और सुव्यवस्थित ढंग से किया। पूरे समारोह में अनुशासन और गरिमा का वातावरण बना रहा। दीक्षांत समारोह के दौरान 290 से अधिक विद्यार्थियों को पीजीडीएम की उपाधियाँ प्रदान की गईं। उल्लास, गर्व और नई आकांक्षाओं से भरा यह आयोजन विद्यार्थियों के जीवन में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।

