देश में जल्द दिख सकते हैं प्लास्टिक के नोट, अपने 14 साल पुराने प्रस्ताव को RBI दे सकता है मंजूरी

Sanchar Now
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नई दिल्ली. भारत में जल्द ही ₹100, ₹200 और ₹500 के प्लास्टिक नोट देखने को मिल सकते हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने एक बार फिर पॉलीमर नोट्स लाने की पुरानी योजना पर काम तेज कर दिया है. पिछले कुछ वर्षों में देश में नकदी की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके बाद केंद्रीय बैंक अब अधिक टिकाऊ और कम लागत वाले नोटों की ओर बढ़ने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI बोर्ड की हाल की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है और आने वाले महीनों में प्लास्टिक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो भारतीय करेंसी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

क्यों खास होते हैं पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोट

पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले माने जाते हैं. ये जल्दी फटते नहीं हैं और पानी या नमी का भी इन पर कम असर पड़ता है. यही वजह है कि कई देशों ने पहले ही प्लास्टिक करेंसी को अपनाया हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे बड़े देश में जहां नोट तेजी से खराब हो जाते हैं, वहां पॉलीमर नोट बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं. इसके अलावा नकली नोटों पर रोक लगाने में भी यह तकनीक ज्यादा प्रभावी मानी जाती है क्योंकि प्लास्टिक नोटों में सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होता है.

RBI को कैसे होगा फायदा

रिपोर्ट्स के अनुसार RBI का मानना है कि प्लास्टिक नोटों की शुरुआती लागत भले ज्यादा हो, लेकिन लंबे समय में ये कागजी नोटों की तुलना में सस्ते साबित हो सकते हैं. इसकी वजह यह है कि इन्हें बार-बार बदलने की जरूरत कम पड़ती है. बैंकिंग सिस्टम और ATM मशीनों को भी अब इस तकनीक के अनुसार तैयार किया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक RBI के पास अब ऐसी व्यवस्था मौजूद है जिससे ATM आसानी से पॉलीमर नोट जारी कर सकेंगे. इससे करेंसी प्रबंधन की लागत भी घट सकती है और नोटों की लाइफ बढ़ सकती है.

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पहले भी हुई थी कोशिश, अब फिर बढ़ी उम्मीद

भारत में प्लास्टिक नोटों को लेकर चर्चा नई नहीं है. करीब एक दशक पहले भी RBI ने इस दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय योजना आगे नहीं बढ़ पाई. अब बढ़ती नकदी मांग और नोटों के रखरखाव पर बढ़ते खर्च के कारण यह योजना फिर चर्चा में आ गई है. अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में भारतीय बाजार में प्लास्टिक नोट आम हो सकते हैं. इससे लोगों को ज्यादा साफ, मजबूत और सुरक्षित करेंसी इस्तेमाल करने का अनुभव मिल सकता है.

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