लखनऊ। नवंबर के पहले से दूसरे हफ्ते तक त्योहारों की धूम के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें भी बड़ी जिम्मेदारी निभाएंगी। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पर्व पर लोगों के आनंद में खलल न हो, इसका इंतजाम कर लिया गया है।
प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। डीजीपी राजीव कृष्णा ने निर्देश दिए हैं कि शाम छह बजे के बाद यूपी-112 की गाड़ियां अपने निर्धारित क्षेत्रों में धीमी गति से लगातार गश्त करें और तय अंतराल पर सायरन बजाकर पुलिस की मौजूदगी का अहसास कराएं।
बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारी व थाना प्रभारी स्वयं फुट पेट्रोलिंग करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने शनिवार को ऑनलाइन बैठक कर पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के संबंध में निर्देश दिए।
डीजीपी ने कहा कि पेट्रोलिंग केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। अधिकारी संबंधित क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं, अपराध के तौर-तरीकों और स्थानीय समस्याओं का विश्लेषण कर सुरक्षा की रणनीति तैयार करें। फुट पेट्रोलिंग के दौरान दुकानदारों और आमजन से संवाद कर उनकी शिकायतें सुनी जाएं और मौके पर ही यथासंभव समाधान कराया जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पिकेट और पर्याप्त बल की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ बीट पुलिसकर्मियों को अवैध असलहों, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराधियों के नेटवर्क से जुड़ी विश्वसनीय सूचनाएं जुटाने के लिए सक्रिय किया जाए।
दीपावली पर पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी अस्थायी दुकानों और भंडारण स्थलों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। पटाखों की दुकानें मुख्य बाजार से अलग खुले और सुरक्षित स्थानों पर लगाई जाएंगी। अस्थायी लाइसेंस के साथ पानी, रेत और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य होंगे। दीपावली से छठ तक अग्निशमन कर्मियों को अलर्ट रखने और संवेदनशील स्थानों पर संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
भैयादूज पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ने के मद्देनजर बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाएगी। त्योहारों में यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक ड्यूटी का पुनर्गठन कर प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने निर्देश दिए कि आपराधिक घटनाओं के पर्दाफाश के बाद कार्रवाई केवल आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे। गिरोह के पूरे नेटवर्क, अवैध असलहों की सप्लाई चेन और मादक पदार्थों की तस्करी के स्रोतों की पड़ताल की जाए। इसके लिए जिला पुलिस एसटीएफ और अन्य जिलों की पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई करेगी।
