संचार नाउ। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम, खाद्य एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा तथा वस्त्र उद्योग विभाग के मंत्री राकेश सचान ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा बैठक की। बैठक में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 17 जिलों के जिलाधिकारी और बैंकर्स के साथ योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान राकेश सचान ने बताया कि 24 जनवरी को लागू हुई मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अब तक राज्य में 1.25 लाख से अधिक युवाओं को ऋण दिया जा चुका है, जबकि इस वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख लाभार्थियों को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल में 27 हजार ऋण के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 19 हजार ऋण ही वितरित हो पाए हैं, जिससे करीब 8 हजार का लक्ष्य अभी बाकी है, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल 15 दिन शेष हैं।
उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई आवेदनों को बिना स्पष्ट कारण के निरस्त कर दिया गया था। ऐसे सभी मामलों की दोबारा जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही बैंकों और अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है।
चर्चा के दौरान राकेश सचान ने कहा कि समीक्षा में यह भी पाया गया कि सरकारी बैंकों की तुलना में निजी बैंकों ने कम ऋण वितरित किए हैं, जबकि प्राधिकरणों की बड़ी धनराशि निजी बैंकों में जमा है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि निजी बैंक ऋण वितरण में सहयोग नहीं करते हैं तो प्राधिकरणों के खाते वहां से हटाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र युवाओं और विशेष रूप से महिलाओं को प्राथमिकता के साथ ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
