अयोध्या के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलने से रामनगरी जगमग-जगमग हो उठी. दीपोत्सव 2026 के भव्य आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला की आरती की और शोभायात्रा का स्वागत किया. इस अवसर पर रामकथा पार्क में त्रेतायुग की झलक प्रस्तुत की गई. 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने का प्रसंग मंच पर दिखाया गया. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम का स्वागत किया. इसके बाद प्रतीकात्मक राज्याभिषेक और आरती का आयोजन हुआ. पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे.
उपराष्ट्रपति और राज्यपाल का मंच पर हुआ स्वागत
दीपोत्सव समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रामकथा पार्क के मंच पर पहुंचीं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति को अंगवस्त्र और स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया. इसके बाद तीनों विशिष्ट अतिथियों ने भगवान राम के स्वरूप का तिलक किया और आरती उतारी. इस दौरान मंच पर धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल दिखाई दिया. कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भी प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए और आयोजन का हिस्सा बने.
हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचे प्रभु श्रीराम
दीपोत्सव के मुख्य आकर्षणों में भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का दृश्य शामिल रहा. शनिवार शाम सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों के साथ भगवान राम पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से पहुंचे. रामकथा पार्क के नजदीक बने हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे. पारंपरिक स्वागत ने श्रद्धालुओं को रामायण काल की याद दिलाई और पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा.
56 घाटों पर सजाए गए 30 लाख से ज्यादा दीप
अयोध्या के दीपोत्सव में इस बार सरयू नदी के 56 घाटों को 30 लाख से अधिक दीपों से सजाया गया है. राम की पैड़ी सहित सभी निर्धारित घाटों पर दीप जलाने की तैयारियां पूरी कर ली गईं. शुक्रवार शाम तक स्वयंसेवकों ने निर्धारित स्थानों पर दीपों को व्यवस्थित तरीके से बिछा दिया था. उनमें बाती और तेल डालने का काम भी शनिवार शाम तक लगभग पूरा हो गया. दीप प्रज्वलित होने के बाद पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगाएगी और श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी.
2100 ड्रोन से आसमान में दिखी रामायण की झलक
दीपोत्सव 2026 के दौरान अयोध्या के आसमान में 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों का भव्य चित्रण किया गया. ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया. इसके अलावा रामकथा पार्क के पास 220 टन बालू से विशाल राम दरबार की प्रतिकृति तैयार की गई, जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी. लेजर शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दीपोत्सव की भव्यता बढ़ाई. आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संस्कृति के संगम ने समारोह को खास बना दिया.
151 साल पुरानी रामलीला का पहली बार मंचन
इस वर्ष के दीपोत्सव में एक विशेष सांस्कृतिक आकर्षण भी शामिल किया गया है. पहली बार 151 वर्ष पुरानी साहबगंज रामलीला का मंचन दीपोत्सव के कार्यक्रम में किया जाएगा. इसके साथ ही रामायण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित 21 भव्य झांकियां भी निकाली गईं. इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और विकास की झलक प्रस्तुत की जा रही है. कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने के लिए रामपथ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. विभिन्न झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
रावण-जटायु युद्ध और रामायण के प्रसंगों की प्रस्तुति
अयोध्या में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान रामायण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया. इनमें रावण और जटायु के बीच युद्ध का दृश्य भी शामिल रहा. साकेत महाविद्यालय से निकली झांकी में कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुति दी. रामकथा पार्क में वानर सेना के कलाकारों ने जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया. रामपथ पर शोभायात्रा देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही. विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दीपोत्सव के उत्साह को और बढ़ा दिया.
हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई. इससे समारोह की भव्यता और बढ़ गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहे. जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सूर्यप्रताप शाही और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी थे. शाम को 56 घाटों पर दीप प्रज्वलन के साथ रामनगरी रोशनी से जगमग जगमग हुई. लेजर शो, ड्रोन शो और धार्मिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशेष बना दी थी.
