अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले 31 घंटे से सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़े हैं। नर्सिंग बेरोजगार वर्षवार भर्ती की मांग पर उग्र आंदोलन कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें इस प्रकरण को कैबिनेट में ले जाने का आश्वासन दिया है। उधर, बेरोजगारों ने आत्मदाह की चेतावनी दी है। 158 दिन से धरना दे रहे बेरोजगार सोमवार को सुबह करीब पांच बजे सर्वे चौक पहुंचे। चार नर्सिंग बेरोजगार और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सर्वे चौक स्थित जल संस्थान की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। बेरोजगारों ने कहा कि वह अपने साथ पेट्रोल की बोतलें लेकर चढ़े हैं और मांग पूरी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आंदोलनकारी आक्रोशित दिखाई दिए और दिन में उन्होंने वार्ता के लिए दिए कई बार के प्रस्ताव वापस लौटा दिए। सीधे स्वास्थ्य मंत्री या सचिव को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि यह सिर्फ नर्सिंग अभ्यर्थियों की नहीं, हम सबकी लड़ाई है। जब तक मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री ठोस फैसला नहीं लेते, हम नीचे नहीं उतरेंगे। इस दौरान अध्यक्ष नवल पुंडीर, राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, अनिल, शिरा बंधानी, प्रीति धीमान, भास्कर रावत, सुभाष, पपेंद्र, हेमंत और प्रिया आदि मौजूद रहे। नर्सिंग बेरोजगारों ने आंदोलन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। वे तड़के साढे़ तीन बजे ही धरना स्थल एकता विहार से निकल गए थे। पुलिस और खुफिया विभाग को भनक तक नहीं लगी। जल संस्थान की टंकी की सीढ़ियों पर सुरक्षा के लिए लगाए गए 20 फीट ऊंचे कंटीले तारों को पार करने के लिए वे अपने साथ अलग से सीढ़ियां लेकर आए थे.
महंगाई में कैसे पालें परिवार
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर टंकी पर चढ़े दीपक चमोली और प्रवेश रावत ने कहा कि निजी अस्पतालों में भारी शोषण हो रहा है। महंगाई के इस दौर में 10-12 हजार की सैलेरी में परिवार पालना नामुमकिन है। सरकार को हमारी सुध लेनी ही होगी।
प्रदेशभर में आत्मदाह का अलर्ट
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि दून से लेकर उत्तरकाशी और अल्मोड़ा तक अभ्यर्थी चौराहों पर पेट्रोल लेकर खड़े हैं। यदि टंकी पर चढ़े साथियों को कुछ हुआ या मांगें नहीं मानी गईं, तो सामूहिक आत्मदाह की स्थिति बन सकती है।
सियासी पारा चढ़ा, कई नेता पहुंचे
मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, स्वाभिमान मोर्चा संयोजक बॉबी पंवार, पूर्व विधायक राजकुमार, कांग्रेस नेता लालचंद शर्मा, दीप वोहरा, सोनिया आंनद रावत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को उग्र कदम उठाने के लिए सरकार के अड़ियल रवैये ने मजबूर किया है। वह बेरोजगारों के साथ है, लड़ते रहेंगे।
मासूमों का झूला, मां का संघर्ष
धरना स्थल पर अजीब मंजर दिखा। कई महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंची थीं। जहां माता-पिता हक के लिए नारे लगा रहे थे, वहीं उनके बच्चे पास ही झूला झूलते नजर आए। कुछ पति अपने बच्चों को संभालते दिखे ताकि पत्नियां आंदोलन जारी रख सकें.
स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता विफल रही
सोमवार शाम को बेरोजगारों की वार्ता स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से कराई गई। उन्होंने इसे ओटीएस एवं कोर्ट से जुड़ा मामला बताकर परीक्षा में दस नंबर का वेटेज एवं ओवरएज वालों को छूट का आश्वासन दिया। लेकिन बेरोजगारों ने स्पष्ट मना कर दिया और वापस लौट आए। वार्ता में नवल पुंडीर, राजेंद्र कुकरेती सुनीता रावत, मुकेश रमोला आदि थे.
टंकी पर ये चढ़े
ज्योति रौतेला, विनोद, आनंद पाल, कविता पुंडीर, धर्मेंद्र
नर्सिंग आंदोलन टाइमलाइन
तड़के 3:30 बजे बेरोजगार एकता विहार धरना स्थल से निकले।
4:00 बजे सर्वे चौक पहुंचे और रणनीति बनाई।
4 से 5 बजे : सीढ़ियां लगाई, तारों एवं टिन के शेड को फांदा और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला संग चार बेरोजगार टंकी पर चढ़े
पांच बजे : सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिया।
साढ़े पांच से छह बजे तक : कई थानों की फोर्स एवं फायर ब्रिगेड पहुंची।
छह से नौ बजे तक : नर्सिंग बेरोजगारों का संबोधन चलता रहा। पुलिस से भी इस दौरान टंकी के नीचे जाने को लेकर नोकझोंक।
करीब सवा नौ बजे : स्वाभिमान मोर्चा के संयोजक बॉबी पंवार पहुंचे।
सवा दस बजे: कांग्रेस नेता सोनिया आंनद रावत पहुंची।
दस से डेढ़ बजे तक: कई दौर की वार्ता पुलिस एवं एलआईयू से
दो बजे : पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत कई कांग्रेसी नेताओं संग पहुंचे
दो से चार बजे तक : नेताओं के भाषण चलते रहे और नारेबाजी करते रहे
पांच बजे के बाद : प्रशासन एवं पुलिस ने दोबारा प्रस्ताव दिया
पांच से छह बजे के बीच : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से वार्ता के बाद लौटे
नर्सिंग अधिकारियों का दर्द, कोविड में फूल बरसाए, अब सड़क पर छोड़ दिया
कोविड काल में संविदा पर पांच साल काम किया। तब सरकार ने फूल बरसाए थे, आज हमें सड़क पर छोड़ दिया गया है। घर में सास-ससुर और दो बच्चे हैं, हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद हक की लड़ाई लड़ रही हूं।
साहिना प्रवीण
मैं सिंगल पेरेंट हूं और दो बच्चों की जिम्मेदारी मुझ पर है। अगस्त में ओवरएज हो जाऊंगी। पांच महीने से नौकरी छोड़ धरने पर बैठी हूं।
विनीता रानी
कोविड के समय कोरोनेशन अस्पताल में ड्यूटी की, उसी दौरान सासु मां को खो दिया। अनशन के कारण तबीयत बिगड़ी, छह दिन अस्पताल में रही लेकिन सरकार नहीं जागी।
शिरा बंधानी
मेरी उम्र 44 साल हो गई है, सिर्फ एक साल बचा है। घर पर छोटी बेटी को छोड़कर आखिरी पड़ाव में हक मांग रही हूं.
पूजा कालरा
कांग्रेस नेताओं को मंत्री ने कैबिनेट में मामला लाने का आश्वासन दिया
सोमवार शाम को पूर्व मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, समाजसेवी मोहन खत्री ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से ढाई घंटे वार्ता की। मंत्री को नर्सिंग बेरोजगारों की समस्या हल करने का अनुरोध किया। मंत्री ने अफसरों से मामले पर रिपोर्ट तलब करने और 13 मई को केबिनेट में इसे रखने का आश्वासन दिया। उधर आठ बजे तक 15 घंटे बाद भी कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला और चार बेरोजगार टंकी पर चढ़े थे। उन्हें खाना पानी चिप्स आदि पहुंचाया गया। टंकी पर चढ़े लोगों को नीचे उतारने की कवायद जारी थी.
पानी कंबल ऊपर न जाने देने पर पुलिस से झड़प
देहरादून। सर्वे चौक पर टंकी पर चढ़े नर्सिंग बेरोजगारों के लिए पानी कंबल और अन्य खाने का सामान ऊपर भेजने को लेकर बेरोजगारों की पुलिस से झड़प हो गई। बेरोजगार साढ़े दस बजे सामान ऊपर भेज रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके नीचे आने की बात कहकर सामान भेजने से मना कर दिया। जिससे आक्रोश फैल गया। स्वाभिमान मोर्चा के बॉबी पंवार, मोहित डिमरी, पार्षद रोबिन त्यागी, विनीत भट्ट, नर्सिंग एकता मंच अध्यक्ष नवल पुंडीर की पुलिस से तीखी झड़प हो गई और नारेबाजी करने लगे। देर रात तक हंगामा जारी था.
फेसबुक लाइव कर ज्योति बोली कल कुछ बड़ा होगा
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला लगातार नर्सिंग बेरोजगारों क़ी मांग पर सरकार पर हमलावर है। उन्होंने 11 बजे फेसबुक लाइव आकर कहा कि उनका स्वास्थ्य 18 घंटे से टंकी पर चढ़े होने से खराब हो रहा है। शुगर लेवल कम लगने की वजह से कोल्ड्रिंक्स मंगाई थी, लेकिन पुलिस ने वह भी ऊपर नहीं आने दी। यह बेहद अफ़सोसजनक है। उन्होने कॉंग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह इन बच्चों की लड़ाई में आगे आए। यह आरपार की लड़ाई है, कल कुछ बड़ा होगा, यह आजका आखिरी लाइव है, शुभ रात्रि.
टंकी के ऊपर ही सो गए नर्सिंग बेरोजगार, नीचे पुलिस का सख्त पहरा
देहरादून। नर्सिंग बेरोजगारों का रात का धरना अब एकता विहार की जगह सर्वे चौक पर टंकी के नीचे ही शुरू हो गया है। रात साढ़े 12 बजे तक पुलिस और नर्सिंग बेरोजगारों में टंकी पर चढ़े लोगों को नीचे उतारने को लेकर वार्ता चलती रही। लेकिन बेरोजगार अपनी वर्षवार भर्ती की मांग पर अड़े रहे। पुलिस को चकमा देकर पीछे के रास्ते से रात को पानी भी पहुंचा दिया गया। नर्सिंग एकता मंच अध्यक्ष नवल पुंडीर के मुताबिक टंकी पर चढ़े चढ़े चार बेरोजगार और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ऊपर एवं अन्य बेरोजगार नीचे सो गए। टंकी से जब तक नही उतरेंगे और आंदोलन तब तक खत्म नही होगा, जब तक सरकार उनकी मांग नही मान लेती। उधर, पुलिस का बेरोजगारों द्वारा किसी भी बड़े कदम उठाने की आशंका के चलते कड़ा पहरा लगा है। कई थानों से फ़ोर्स तैनात की गई है.
