चंपत राय की निष्ठा पर सवाल नहीं, निगरानी में कमी; राम मंदिर के बेईमानों के वंश को लगेगा श्राप : नृपेंद्र मिश्रा

Sanchar Now
3 Min Read

दान को लेकर पादर्शिता रखनी चाहिए। इसका हिसाब किताब रोजाना वेबसाइट पर उपलब्ध होना चाहिए। चढ़ावे में चोरी कब से हो रही थी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। स्पष्ट निर्देश हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। गिनती करने वालों को बिना पॉकेट वाले कपड़े पहनने चाहिए। उनकी जमा तलाशी भी होनी चाहिए। लेकिन, चर्चा है कि लोग पॉकेट में गड्डियां लेकर बाहर गए।

राम मंदिर में दान की राशि में चोरी के प्रकरण को लेकर ये बड़ी बातें श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहीं। वह बृहस्पतिवार को एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन सख्त है, क्रियान्यवन में कमी रह गई। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में एसबीआई की भी भूमिका को देखना होगा। बैंक इससे बच नहीं सकता, गिनती की जिम्मेदारी उनकी है। एमओयू है कि एसबीआई गिनती कराएगा। आगे उन्होंने कहा कि बेशकीमती धातु को लेकर भी एसआईटी जांच करेगी। श्रद्धालुओं ने दान पात्र में अंगूठियां भी डालीं। कान के गहने और सोने की चूड़ियां भी दान पात्र में डाले गए। दान पात्र में डाले गए आभूषण की रसीद नहीं हैं।

चंपत राय की निष्ठा पर सवाल नहीं…

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि चंपत राय की निष्ठा पर सवाल नहीं उठा सकते। चंपत राय श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कर्ताधर्ता हैं। उनकी निष्ठा पर सवाल नहीं उठाऊंगा। वह पिछले 35 वर्षो से मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं। श्रद्धालुओं के विश्वास में आई कमी को ठीक करना है।

4 से 10 करोड़ तक का दान हर महीना

पढ़ें  मेरठ में जलती चिता को बुझाकर पुलिस ने उठाया शव: पत्नी बोली- ससुराल वालों ने पति की हत्या कर दी, आखिरी बार चेहरा भी नहीं दिखाया

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रबंधन के दो पहलू होते हैं। एक निष्ठा और दूसरा निगरानी। निष्ठा नहीं, निगरानी में कमी हुई है। एसआईटी जांच कर रही है। मैं किसी तरह का कोई अनुमान नहीं लगाऊंगा। उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश रहती है कि ट्रस्ट के काम में दखल न दूं। चढ़ावे में चोरी की खबरों के बाद अलग से जानकारी जुटाई। जानकारी के मुताबिक एक महीने से चार से लेकर दस करोड़ तक का दान आया।

बेईमानी करने वालों को सात वंश तक श्राप लगेगा

टिन्नू पर लगे आरोपों पर नृपेंद्र मिश्रा ने कहा एसआईटी गहनता से जांच कर रही है। सबसे अलग-अलग पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की तरफ से मामले की लीपापोती संभव नहीं है। एसआईटी की जांच किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होगी। सुधार के लिए हर स्तर पर ठोस व सख्त कदम उठाने होंगे। सीनियर अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाना चाहिए। पीएम के सहयोगियों की तरफ से मुझसे जानकारी मांगी गई। पीएम मोदी के लौटने पर सहयोगी उनसे चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चढ़ावे में बेईमानी करने वालों को सात वंश तक श्राप लगेगा।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment