सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर लोग इसे कुदरत का कहर कहें या कोई डरावना संयोग, समझ नहीं पा रहे हैं। नानौता नगर में कक्षा 12 की एक छात्रा को स्कूल परिसर में सांप ने डस लिया। यह घटना पहली नजर में सामान्य लग सकती है, लेकिन जब इस छात्रा के पीछे सांपों के ‘खूनी इतिहास’ का पता चला, तो पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
स्कूल में पानी पीने गई थी छात्रा, लकड़ियों में छिपे काल ने डसा
सनसनीखेज मामला नानौता के मित्तरगढ़ रोड स्थित एक स्कूल का है। शनिवार को कक्षा 12 की छात्रा लक्ष्मी मित्तल अपनी क्लास से निकलकर पानी पीने के लिए नल की ओर गई थी। तभी वहां रखे लकड़ियों के ढेर के बीच से एक जहरीले सांप ने अचानक निकलकर उसके पैर पर हमला कर दिया। लक्ष्मी के चीखने की आवाज सुनकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने बिना देरी किए परिजनों को बुलाया और उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
तीसरी बार मौत के मुंह से लौटी लक्ष्मी, परिवार गहरे खौफ में
इस घटना ने लक्ष्मी के परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। परिजनों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब लक्ष्मी को सांप ने निशाना बनाया हो। यह तीसरी बार है जब उसे सांप ने डसा है और वह चमत्कारिक रूप से बच गई है। बार-बार एक ही लड़की को सांपों द्वारा निशाना बनाए जाने की बात अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण इसे किसी अनसुलझे रहस्य या पुरानी रंजिश के तौर पर देख रहे हैं।
पिता की जान भी ले चुका है सर्पदंश, अभिशाप बना ‘नाग’
लक्ष्मी के परिवार के लिए सांपों का यह खौफनाक सिलसिला पुराना है। कुछ समय पहले उसके पिता प्रवीण मित्तल की मौत भी सांप के काटने से ही हुई थी। पिता को खोने के बाद अब इकलौती बेटी पर बार-बार हो रहे इन हमलों ने घर में मातम जैसा सन्नाटा पैदा कर दिया है। लक्ष्मी और उसके घरवाले अब घर से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं यह ‘खूनी संयोग’ कोई बड़ी अनहोनी न कर दे।
क्या यह महज इत्तेफाक है?
स्थानीय लोग इस घटना को महज इत्तेफाक मानने को तैयार नहीं हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों, पिता की मौत और बेटी पर तीन बार हमला, ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल लक्ष्मी खतरे से बाहर है, लेकिन उसकी आंखों में बसा सांपों का डर उसे स्कूल जाने से भी रोक रहा है। स्कूल प्रशासन ने भी परिसर की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि फिर कोई मासूम काल का ग्रास न बने।
