यूपी बना देश का ‘एग्रीकल्चर मॉडल’, कृषि मंत्री बोले- योगी सरकार के 9 साल पिछले 22 वर्षों पर भारी

Sanchar Now
4 Min Read

उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। राज्य सरकार के प्रयासों के चलते किसानों की स्थिति में सुधार हुआ है और कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा गया है। यह बदलाव केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय, आत्मनिर्भरता और जीवन स्तर में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

कानून व्यवस्था से लेकर कृषि तक बदलाव

प्रदेश में पहले जहां अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और अपराध का माहौल था, वहीं अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। बेहतर कानून व्यवस्था ने किसानों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया है, जिससे वे अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं। पहले जहां किसानों को संसाधनों की कमी और उपज के उचित मूल्य का अभाव झेलना पड़ता था, अब सरकार द्वारा उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है।

किसानों के लिए कर्ज माफी: नई शुरुआत

सरकार बनने के बाद किसानों को राहत देने के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज माफी की गई। लाखों किसानों का बैंक ऋण माफ कर उन्हें आर्थिक संकट से उबारा गया। इस कदम ने किसानों को न केवल राहत दी, बल्कि उन्हें आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने से भी रोका और एक नई शुरुआत का अवसर प्रदान किया।

सिंचाई, बीज और संसाधनों का विस्तार

कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया। पुरानी नहरों की मरम्मत और अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई से जोड़ा गया। साथ ही, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। सोलर पंप जैसी योजनाओं ने किसानों को बिजली की समस्या से काफी हद तक राहत दिलाई है।

पढ़ें  सरकारी आवास में इंस्पेक्टर के साथ पकड़ी गईं थाना प्रभारी, पीटते-पीटते कमरे से बाहर खींच कर लाए लोग

बिजली, ट्यूबवेल और गन्ना भुगतान में सुधार

किसानों के बिजली बिल में राहत देने के साथ-साथ ट्यूबवेल संचालन को आसान बनाया गया। गन्ना किसानों के लंबित भुगतान को प्राथमिकता से पूरा किया गया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि ने किसानों की आय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डीबीटी और सम्मान निधि: पारदर्शी लाभ

सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाने के लिए डीबीटी प्रणाली को अपनाया गया। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और पारदर्शिता बढ़ी। किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करना आसान हुआ है।

फसल बीमा और क्षतिपूर्ति: सुरक्षा की गारंटी

प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। इससे किसानों को संकट के समय आर्थिक सहायता मिलती है और उनका जोखिम कम होता है। यह व्यवस्था किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह कार्य कर रही है।

उत्पादन में वृद्धि: यूपी बना अग्रणी राज्य

कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। खाद्यान्न, दूध, गन्ना, गेहूं और धान के उत्पादन में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उत्पादन में हुई इस वृद्धि ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है।

तकनीक और नवाचार से कृषि का आधुनिकीकरण

कृषि को आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाया गया है। ड्रोन तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्र और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना से किसानों को नई जानकारी और संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालयों के विस्तार ने शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया है।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment