वृंदावन। श्रीराधा केलिकुंज में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु की खबर ने ऐसे लोगों में बेचैनी उत्पन्न कर दी है, जिनके पाल्य संत प्रेमानंद के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते थे और बिना बताए घर से निकल गए। ऐसे ही एक पीड़ित पिता नोएडा से चलकर शुक्रवार को श्रीराधा केलिकुंज अपनी बेटी को खोजते हुए पहुंचे।
पीड़ित पिता का कहना है कि वह हमेशा संत प्रेमानंद का फोटो अपने पर्स में रखती थी और उनके ही प्रवचनों में मन लगाया करती थी। अचानक 15 अगस्त को गायब हो गई। वे इसी उम्मीद से आश्रम आए कि उनकी बेटी यहां मिल जाए।
श्रीराधा केलिकुंज पर शुक्रवार को चल रहे धरना के बीच पहुंचे नोएडा निवासी उमेश सिंह ने बताया उनकी 38 वर्षीय बेटी विभा कुमारी जो हमेशा संत प्रेमानंद के प्रवचन सुनती, अपने पर्स में फोटो रखती थी, पूरी तरह समर्पित थी। 15 अगस्त को बिना बताए घर से निकल गई। मैंने सोचा संत प्रेमानंद के आश्रम में उसकी खोज की जाए, इसलिए केलिकुंज आया हूं।
जब आश्रम में जानकारी की तो बताया गया कि आश्रम में बिना स्वजनों की अनुमति के किसी को दीक्षा दी नहीं जाती। उन्हें लगता था कि वह संत प्रेमानंद की भक्ति में थी तो संभवत: केलिकुंज में हो सकती है। नाेएडा में एकबार छह पहले भी घर से चली गई थी तो उसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज करवाई थी। लेकिन, कुछ दिन बाद वह वापस आ गई। लेकिन, इस बार नहीं आई तो चिंता सता रही है।
