संचार नाउ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग के विरोध में करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। संगठन का आरोप है कि ज्ञापन सौंपने से पहले ही पुलिस ने संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और जिला अध्यक्ष प्रेम प्रधान को हाउस अरेस्ट कर दिया।
दरअसल, संगठन के अनुसार, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाना था, लेकिन पुलिस कार्रवाई के चलते नॉलेज पार्क कोतवाली के प्रभारी विनोद कुमार ने चौधरी प्रवीण भारतीय के जेपी अमन सोसायटी स्थित आवास पहुंचकर ज्ञापन प्राप्त किया।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसकी स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी और भविष्य होते हैं। उनकी समस्याओं का समाधान संवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप किया जाना चाहिए। शिक्षा का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भारतीय संविधान की मूल भावना का हिस्सा हैं। संगठन ने पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किए जाने की भी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
इस दौरान बलराज हूंण, दिनेश नागर, दुलीचंद नागर, सुभाष रिंकू बैंसला, आकाश नागर, वरुण, प्रमोद भाटी, संतोष नागर, ओंकार प्रधान, तेजवीर चौहान, प्रतिपाल राठी, धर्मेंद्र भाटी, कृष्ण नागर, हिमांशु भाटी, ब्रह्म प्रधान, लखमीचंद, जग्गू प्रमुख, बलराज नागर, कमल सिंह, नवाब सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
