बरेली। साइबर ठगी के काले धन को सफेद बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का बरेली पुलिस ने राजफाश किया है। गिरोह साइबर ठगी की रकम का मनी ट्रेल (चेन तोड़ना) कर उन्हें बोगस फर्म के माध्यम से दूसरे खातों में भेजता। ताकि पुलिस ठगी की रकम का पीछा न कर सके, जिस बोगस फर्म से रुपया भेजा जाता। वह नोएडा के सेक्टर 63 में पंजीकृत हैं। फर्म के मालिक बरेली के केसरपुर गांव निवासी मुहम्मद नवी और दिल्ली का रजा हुसैन हैं। गिरोह का सरगना तरुण कौशिक भी दिल्ली निवासी है।
गिरोह के कुछ सदस्य नाइजीरिया के साइबर ठगों के भी संपर्क में थे। गिरोह का राजफाश करते हुए भुता पुलिस ने मुहम्मद नवी समेत चार लोगों को जेल भेज दिया है। उनके पास से कार, 54 हजार कैश समेत मोबाइल, टैबलेट आदि बरामद किए हैं। यह गिरोह अभी तक 1.88 करोड़ रुपये काले धन को सफेद बना चुका था।
टर्की के माल नहीं किया सप्लाई
पुलिस को सूचना मिली कि केसरपुर के लोग साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगा रहे हैं। जांच में केसरपुर के अकरम, आरिफ व मुहम्मद नवी के साथ फतेहगंज पश्चिमी के फरमान का नाम सामने आया। पुलिस ने सभी को पकड़कर पूछताछ की तो मुहम्मद नवी ने बताया कि वह इंटरनेशनल मार्केट में जरी का काम करता है। उसकी कंपनी रहमन इंटरनेशनल टर्की में जरी का माल भेजती है।
पुलिस ने कंपनी की और जानकारी निकाली तो पता चला कि उसका एक अन्य मालिक दिल्ली निवासी रजा हुसैन भी है। कंपनी ने अभी तक टर्की के लिए माल सप्लाई नहीं किया है। फर्म को नोएडा सेक्टर 63 में पंजीकृत दिखाया गया। टीम के भौतिक सत्यापन में वहां एक कमरे में बोर्ड लगा मिला। जरी के काम के कोई प्रमाण वहां नहीं थे।
अलग-अलग खातों में भेजते थे रकम
कर्मचारियों ने बताया कि वहां पर हर दिन लाखों में कैश आता है, जिसे अलग-अलग खातों में भेजा जाता है। पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो आरोपितों ने बताया कि वह साइबर ठगी की रकम को दूसरे खातों में भेजकर उसे सफेद बनाते हैं। केसरपुर का अकरम व आरिफ और धंतिया का फरमान लोगों को झांसा देकर उनसे खाते खुलवाता, उन्हीं खातों में इस रकम को भेजा जाता है।
किसी के पूछने पर रकम जरी के काम की बताई जाती है। आरोपितों के पास से पुलिस को 10 बैंक खाते भी मिले, जिनमें करीब 1.88 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की गई, जबकि आरिफ नूरी नाम के एक बैंक खाते को 10 लाख रुपये के साथ फ्रीज करा दिया। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगी है।
अभी और भी बढ़ सकती है रकम
पूछताछ में सामने आया कि मुहम्मद नवी वर्ष 2022 से रजा हुसैन के साथ काम कर रहा है, जबकि रजा हुसैन हर चीज की रिपोर्ट दिल्ली में बैठे सरगना तरुण कौशिक को देता है। पिछले एक से डेढ़ वर्ष में ही इस गिरोह के सदस्यों 1.88 करोड़ रुपये काले धन को सफेद धन में बदलकर इस्तेमाल कर लिया। पुलिस का कहना हैं कि अभी पुराने रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं। ठगी की रकम अभी और भी बढ़ सकती है।
18 और आठ प्रतिशत पर होता था काम
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि हर दिन साइबर ठगी की लाखों रुपये रकम को कैश में विड्राल किया जाता था। कुछ रकम बरेली तो कुछ रकम अन्य प्रदेशों के जिलों से विड्राल की जाती थी। सभी रकम को मुहम्मद नवी की फर्म रहमन इंटरनेशनल को भेजा जाता। यह पूरा काम प्रतिशत पर चलता था। फर्म अपने खातों से दूसरे खातों में रकम भेजने का 18 प्रतिशत और जो लोग खाते उपलब्ध कराते थे उनके लिए आठ प्रतिशत रकम दी जाती थी। रुपये खातों में भेजकर साइबर ठगों को उसकी जानकारी दे दी जाती थी।
दिल्ली के अफजल के साथ भी काम कर चुका है मुहम्मद नवी
मुहम्मद नवी ने पूछताछ में बताया कि उसने रजा हुसैन के साथ वर्ष 2022 से काम शुरू किया है। इससे पहले वह दिल्ली के शाहीन बाग निवासी अफजल के साथ काम करता था। अफजल के साथ उसने केवल छह माह काम किया, जिसमें उसने 35 लाख रुपये कमाए थे। इसके बाद वह रजा के संपर्क में आया और उसके साथ काम शुरू कर दिया।
नाइजीरिया के संपर्क में था धंतिया का फरमान
पुलिस ने जब धंतिया निवासी फरमान का फोन चेक किया तो पता चला कि वह नाइजीरिया के एक साइबर ठग के संपर्क में था। पुलिस उसके फोन से कुछ डाटा निकाल पाई है। बाकी का डाटा उसने पुलिस के पहुंचने से पहले ही डिलीट कर दिया था। पुलिस का कहना हैं कि फोरेंसिक की मदद से डिलीट डाटा को भी रिकवर कराने का प्रयास किया जाएगा।
खाते खुलवाने का लेते थे बीमा का सहारा
पुलिस की जांच में आया कि गिरोह के सदस्य अकरम, फरमान और आरिफ लोगों को बीमा की रकम दिलाने का झांसा देकर उनके खाते खुलवाते थे। बाद में उन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। ताहिर नाम का एक युवक जो दिल्ली के लोगों को खाते उपलब्ध कराता था। वह भी फरार हो गया है।
साइबर ठगी की रकम को फर्म के माध्यम से अलग-अलग खातों में भेजकर उसे सफेद बनाने वाले गिरोह का राजफाश किया गया है। चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अभी और भी लोग वांछित हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
– अंशिका वर्मा, एसपी साउथ।
