जिन्ना को आदर्श मानने वाले नहीं हो सकते सरदार पटेल के अनुयायी- योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौहपुरुष की जयंती पर समाज को बांटने वाली ताकतों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को तब खतरा होता है, जब हम जाति, क्षेत्र के नाम पर बंटते और कमजोर होते हैं। जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है, तब बीमारी होती है। जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद वही बीमारी है, जो समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है और फिर आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती हैं।

लौहपुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जो भारत की एकता, सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है। जिन्ना को आदर्श मानने, समाज को बांटने वाले विभाजनकारी लोग वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते।

समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद की बीमारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौहपुरुष ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में लिया हिस्सा लिया। उन्होंने जीपीओ स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रीय एकता दिवस पर लोगों को शपथ दिलाई। सीएम ने कहा कि यह शपथ सरदार पटेल की उस भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके लिए उन्होंने जीवन जिया। मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत गणराज्य का शिल्पी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी नेतृत्वकर्ता बताया।

2014 के बाद से अनवरत होता है आयोजन

मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 2014 के बाद से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में अनवरत आयोजित किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय एकता की शपथ, राष्ट्रीय एकता दौड़ समेत लौहपुरुष के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक कार्यों के साथ समाज को जोड़ने का अभियान बढ़ाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहाकि इस वर्ष लौहपुरुष की 151वीं जयंती है। गत वर्ष उनकी पावन जयंती के 150 वर्ष पूर्ण होने पर डबल इंजन सरकार ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए थे।

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अब यूपी में कोई युवा नहीं रहेगा बेरोजगार

मुख्यमंत्री ने कहाकि हमारी सरकार द्वारा लौहपुरुष सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए आज हर जनपद में एक इंप्लायमेंट व इंडस्ट्रियल जोन के गठन की कार्रवाई का भी शुभारंभ होने जा रहा है। अब यूपी में कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। उसकी स्किलिंग, रोजगार के लिए सरकार व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम को बढ़ा रही है।

लौहपुरुष के विराट व्यक्तित्व को प्रदर्शित करती है उनकी प्रतिमा

सीएम योगी ने कहा कि भारत मां के महान सपूत सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म गुजरात के छोटे से गांव करमसद (नाडियाड) में हुआ था। लौहपुरुष की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा गुजरात के केवडिया में नर्मदा नदी के तट पर सरदार सरोवर पर स्थापित कराई है, यह प्रतिमा लौहपुरुष के विराट व्यक्तित्व को प्रदर्शित करती है।

सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को बनाया था भारतीय गणराज्य का हिस्सा

सीएम ने कहा कि सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया था। भारत जब आजाद हुआ था, तब जूनागढ़ व हैदराबाद रियासतों के शासक विलय के लिए आनाकानी कर रहे थे। सरदार पटेल ने जूनागढ़ के नवाब को चेतावनी दी कि बातों से नहीं मानोगे तो हमें दूसरा तरीका भी अपनाना आता है, तब वह अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। आज जूनागढ़ भारत का हिस्सा है।

हैदराबाद का निजाम व्यापक कत्लेआम कराकर हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों को कटवाता और धर्मांतरण कराता था। वह कोई भी प्रोटोकॉल नहीं मानता था परंतु जब लौहपुरुष ने उसे चेतावनी दी तो उसे भी भागना पड़ा। हैदराबाद समेत उसके अंदर आने वाली रियासतों के सभी हिस्से आज भारत में है।

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कांग्रेस ने कश्मीर में किया पाप

सीएम ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू ने कश्मीर के मामले को अपने पास रखा था। तब उस पर पाकिस्तान की मदद से कबीलाइयों ने हमला किया। कश्मीर के कुछ हिस्से पर आज भी पाकिस्तान का कब्जा है। वहां हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन का कत्लेआम हुआ। अब वहां उनकी न के बराबर आबादी है। पं. नेहरू ने भारत वाले कश्मीर में अनुच्छेद-370 को लागू कर दिया था। बाबा साहेब ने इसका विरोध किया लेकिन यह पाप कांग्रेस ने किया।

साकार हुआ सरदार पटेल, डॉ. मुखर्जी समेत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना

सीएम ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 को सदैव के लिए दफन कर कश्मीर को भारत का हिस्सा उसी रूप में बना दिया, जैसे उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्य हैं। अब भारत में दो कानून नहीं, बल्कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान व एक निशान ही चलेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने जब यह कार्य किया तो वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना साकार हुआ।

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए हम सभी देंगे योगदान

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय एकता के समक्ष चुनौतियां प्रस्तुत करने और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं। हम सभी को मिलकर इसका मुकाबला करना होगा। सीएम ने इस कार्यक्रम के लिए विधायक शशांक वर्मा का अभिनंदन किया और उनके पिता को भी श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उम्मीद जताई ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की

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