लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी आज यानी सोमवार को अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है. पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड की एक-एक राज्यसभा सीट के लिए रविवार को उम्मीदवार घोषित करने के बाद अब सबकी नजरें उत्तर प्रदेश की सूची पर टिक गई हैं. यूपी की सियासत में यह ऐलान इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि कुछ ही महीनों बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में भी आगामी चुनाव के जातीय और राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है.
मौजूदा विधानसभा के आंकड़ों और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बीजेपी की सात राज्यसभा सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक अन्य सीट पर भी पार्टी की जीत की प्रबल संभावना जताई जा रही है. ऐसे में यूपी से कुल आठ उम्मीदवारों के नाम बीजेपी की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे.
कौन-कौन हैं संभावित नाम?
राज्यसभा के लिए बीजेपी की संभावित सूची में कई बड़े नाम चर्चा में हैं. इनमें पार्टी महासचिव हरीश द्विवेदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास और बीजेपी नेता दुर्विजय शाक्य के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं. हालांकि अभी पार्टी की ओर से आखिरी लिस्ट का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. माना जा रहा है कि संभावित नामों में से कुछ नामों पर मुहर लग सकती है, जबकि 3 से 4 नाम ऐसे भी हो सकते हैं जो राजनीतिक गलियारों को चौंका दें.
यही वजह है कि बीजेपी की राज्यसभा सूची को केवल उच्च सदन के लिए उम्मीदवारों का चयन नहीं, बल्कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पार्टी की व्यापक राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
8 सीटों पर उम्मीदवार, 6 अक्टूबर को नामांकन
बीजेपी के उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 8 उम्मीदवारों का नामांकन 6 अक्टूबर को होने की जानकारी है. नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. इससे साफ है कि पार्टी राज्यसभा चुनाव के इस पूरे कार्यक्रम को संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर पेश करने की तैयारी में है.
जातीय समीकरण पर क्यों है इतना जोर?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी नतीजों पर जातीय समीकरणों का बड़ा प्रभाव रहता है. विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों की दूरी पर होने के कारण बीजेपी के सामने राज्यसभा उम्मीदवार चुनते समय सिर्फ राजनीतिक अनुभव या संगठनात्मक भूमिका ही नहीं, बल्कि अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की चुनौती भी है. यही कारण है कि इस बार उम्मीदवारों की सूची को लेकर अटकलें भी तेज हैं. पार्टी किन चेहरों को मौका देती है, इससे यह संकेत मिल सकता है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी किन सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दे रही है. अगर चर्चित नामों पर नजर डालें तो सूची में संगठन, सरकार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अलग-अलग सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले चेहरे शामिल होने की संभावना चर्चा में है.
आज लखनऊ पहुंचेंगे बीएल संतोष
राज्यसभा चुनाव के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी सोमवार को लखनऊ पहुंचेंगे. बताया गया है कि लखनऊ में सुबह कुछ अहम बैठकों के बाद वह सुल्तानपुर के लिए रवाना होंगे. सुल्तानपुर में काशी और गोरखपुर क्षेत्र की संघ और बीजेपी की समन्वय बैठक में बीएल संतोष शामिल होंगे. संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार भी बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में दोनों क्षेत्रों के संघ के विभाग प्रचारक और उनसे ऊपर के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा काशी और गोरखपुर क्षेत्र के बीजेपी पदाधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे.
चुनाव से पहले संघ-बीजेपी का बड़ा मंथन
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संघ और बीजेपी के बीच होने वाली इस समन्वय बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर बीजेपी में चल रही कवायद और उसी दौरान संगठन के शीर्ष नेतृत्व की यूपी में मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और बढ़ा दिया है. हालांकि इस बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और संघ के बीच समन्वय, जमीनी तैयारियों और चुनावी रणनीति से जुड़े विषयों पर मंथन की संभावना के तौर पर इसे देखा जा रहा है.
राज्यसभा की सूची से मिलेंगे विधानसभा चुनाव के संकेत?
बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची पर इसलिए भी नजर है क्योंकि इसमें आने वाले महीनों की चुनावी रणनीति के संकेत देखे जा रहे हैं. पार्टी अगर वरिष्ठ नेताओं, संगठन के पदाधिकारियों और अलग-अलग सामाजिक समूहों से जुड़े चेहरों को जगह देती है तो इससे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उसकी प्राथमिकताओं का अंदाजा लगाया जा सकता है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि चर्चा में चल रहे नामों में से किन चेहरों पर बीजेपी भरोसा जताती है और वे तीन-चार कौन से नाम होंगे जो अंतिम सूची में आकर सभी को चौंका सकते हैं.
