संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय के शारदा स्कूल ऑफ बिज़नेस स्टडीज़ द्वारा आनंद स्वरूप ऑडिटोरियम में “Unlocking a New Path of Healing and Wellness” विषय पर एक विशेष वेलनेस सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रबंधन, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर समग्र स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
दरअसल, इस सत्र का संचालन ग्लोबल ताओ हीलिंग मास्टर फ्रांसिस्को क्विन्टेरो ने किया, जो प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु डॉ. और मास्टर झी गैंग शा के वरिष्ठ शिष्य हैं। उन्होंने ताओ दर्शन के सिद्धांतों को सरल तरीके से समझाते हुए ताओ हीलिंग, ताओ टेक्नोलॉजी और कैलिग्राफी हीलिंग जैसी वेलनेस तकनीकों की जानकारी दी। इन तकनीकों को प्राचीन ताओ ज्ञान और आधुनिक वेलनेस पद्धतियों का समन्वय बताया गया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं।
मास्टर क्विन्टेरो ने प्रतिभागियों को कुछ व्यावहारिक तकनीकें भी सिखाईं, जिनसे माइंडफुलनेस बढ़ाने, तनाव कम करने और दैनिक जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। सत्र के अंत में आयोजित प्रश्न-उत्तर कार्यक्रम में छात्रों ने पेशेवर जीवन में माइंडफुलनेस और आंतरिक संतुलन की भूमिका पर अपने सवाल भी रखे।

इस अवसर पर शारदा विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। वहीं डीन (पीजी) प्रो. (डॉ.) देबासिस मल्लिक ने कहा कि माइंडफुलनेस और वेलनेस जैसे विचार छात्रों को बेहतर पेशेवर और बेहतर इंसान बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में वाइस चांसलर सीबाराम खारा, प्रो वाइस चांसलर परमानंद, डायरेक्टर पीआर डॉ. अजीत कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. विवेक गुप्ता, आलोक गुप्ता, डॉ. रुचि, श्रेया जरीवाला, डीन एकेडमिक आर.सी. सिंह, आर.डी. सहाय सहित सभी विभागों के डीन, हेड, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
