संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाते हुए ग्राम चपरगढ़ की 60 मीटर ग्रीन बेल्ट से करीब 50,000 वर्गमीटर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 250 करोड़ रुपये है। कार्रवाई मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई।
दरअसल, प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि चपरगढ़ स्थित ग्रीन बेल्ट की यह भूमि पहले से अर्जित एवं प्राधिकरण के कब्जे में थी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने उस पर अवैध कब्जा कर निर्माण और अतिक्रमण कर लिया था। अभियान के दौरान जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से अवैध निर्माण हटाते हुए पूरी भूमि को दोबारा प्राधिकरण के कब्जे में ले लिया गया।
कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, हरी प्रताप सिंह और शिव अवतार सिंह सहित प्राधिकरण के परियोजना, भूलेख एवं प्रवर्तन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी और भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन की निगरानी में अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
यमुना प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र या प्राधिकरण की कब्जा प्राप्त भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, अवैध निर्माण अथवा अवैध कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियोजित विकास कार्यों को बाधित करने वाले ऐसे मामलों में आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राधिकरण का कहना है कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और क्षेत्र के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। अवैध कब्जाधारकों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
