संचार नाउ। भारत सरकार में सहायक सचिव के रूप में तैनात 6 आईएएस अधिकारियों ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल), मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) परियोजनाओं का अध्ययन किया। अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ प्रेरणा सिंह के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
सहायक सचिव आयूषी प्रधान, बेंजो पी. जोस, फडतरे अनितेश अशोक, प्रिया रानी, सलोनी छाबड़ा और जुफिशन हक ने प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान सीईओ एनजी रवि कुमार ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली, भूमि अधिग्रहण, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसानों से भूमि लेकर उद्योगों को उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अब तक 30 से अधिक बड़ी कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इनमें हायर जैसी प्रमुख कंपनियां संचालन शुरू कर चुकी हैं। इन उद्योगों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश और करीब 23 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने अधिकारियों को टाउनशिप में विकसित ऑटोमेटिक वेस्ट कलेक्शन सिस्टम, 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। साथ ही मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तहत रेल, मेट्रो और बस टर्मिनल के एकीकृत विकास की योजना पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बैठक के बाद सभी आईएएस अधिकारियों ने आईआईटीजीएनएल टाउनशिप, एमएमएलएच और एमएमटीएच परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वहां विकसित किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लिया। इस दौरान आईआईटीजीएनएल की टीम भी मौजूद रही।
