ग्रेटर नोएडा। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से किए गए कब्जों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 12 अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि एक दर्जन से अधिक रेहड़ी-पटरी और अस्थायी ढांचे हटाकर जब्त किए गए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अर्बन सर्विस विभाग की टीम ने तिलपता चौक से एक मूर्ति, एक मूर्ति से रोजा चौक, सेक्टर-16बी, एनटीपीसी सोसाइटी, जगत फार्म मार्केट, शाहबेरी रोड और एटीएस सोसाइटी के आसपास विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया। इस दौरान कई स्थानों पर रेहड़ी-पटरी, अस्थायी कियोस्क और अन्य अतिक्रमण हटाए गए, जिससे सड़कों पर यातायात सुचारु हुआ।
अभियान के दौरान चुहड़पुर क्षेत्र में सड़क किनारे टेंपरेरी स्ट्रक्चर बनाकर संचालित की जा रही 12 अवैध दुकानों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार इन दुकानों के कारण सड़क संकरी हो गई थी और लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कार्रवाई के दौरान तीन काउंटर, एक तख्त और एक टेबल भी जब्त कर प्राधिकरण के स्टोर में जमा करा दिए गए।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि शहर की सड़कें और सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों की सुविधा के लिए हैं। किसी भी व्यक्ति को सड़क किनारे अवैध रूप से रेहड़ी, पटरी, कियोस्क या अस्थायी दुकान लगाकर यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या पूरे शहर में चलेगा ऐसा ही अभियान?
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद अब शहरवासियों के बीच एक बड़ा सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या यह अभियान केवल कुछ चुनिंदा स्थानों तक ही सीमित रहेगा, या फिर ग्रेटर नोएडा के सभी सेक्टरों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर वर्षों से सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी इसी तरह निष्पक्ष कार्रवाई होगी? शहर के कई क्षेत्रों में आज भी रेहड़ी-पटरी, अस्थायी दुकानें और अवैध कब्जे यातायात में बाधा बने हुए हैं। ऐसे में क्या प्राधिकरण बिना किसी भेदभाव के सभी अतिक्रमणकारियों पर समान रूप से कार्रवाई करेगा, या फिर कुछ स्थानों को ही निशाना बनाकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेंगे? अब शहरवासियों की नजर इस बात पर टिकी है कि अतिक्रमण हटाने का यह अभियान पूरे ग्रेटर नोएडा में समान रूप से लागू होता है या नहीं।
