संचार नाउ। श्रमिकों और फैक्ट्री मालिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से रविवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने की, जिसमें एसीईओ सुमित यादव, एडीएम मंगलेश दुबे, ओएसडी नवीन कुमार सिंह, प्रबंधक उद्योग अरविंद मोहन सिंह और डीसीपी पुलिस प्रवीण रंजन सिंह सहित प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में नोएडा एंट्रेप्रिन्योर एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन, इंडिया इंडस्टरीज एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल एंट्रेप्रिन्योर एसोसिएशन, ग्रेटर नोएडा एंट्रेप्रिन्योर एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती और ईकोटेक-12 एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने इस दौरान उद्यमियों को कारखाना विभाग के नए दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। एडीएम मंगलेश दुबे ने स्पष्ट किया कि किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा और इसमें कोई कटौती नहीं होगी। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा, और यदि रविवार को कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दोगुनी दर से किया जाएगा।
इसके अलावा, सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि को लागू तिथि से प्रभावी किया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन अनिवार्य होगा, जिसकी अध्यक्ष महिला होगी, साथ ही शिकायत पेटी भी स्थापित की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी श्रमिकों को हर माह की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा और वेतन पर्ची देना अनिवार्य होगा। डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि उद्यमियों और श्रमिकों के बीच समन्वय बनाए रखना और शांति व्यवस्था कायम रखना पुलिस की प्राथमिकता है। वहीं एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने सभी औद्योगिक संगठनों से सकारात्मक और स्वस्थ कार्य वातावरण बनाए रखने की अपील की।
