संचार नाउ। गांधी जयंती के अवसर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट के औद्योगिक सेक्टरों में अलग-अलग टीमों को मैदान में उतारा गया है। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए दोनों क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है।
दरअसल, अभियान के दौरान केवल सड़कों की सफाई तक सीमित न रहते हुए निर्माण स्थलों, नालियों और खाली पड़े स्थानों से कचरा एवं मलबा हटाया जा रहा है। एकत्रित ठोस अपशिष्ट और निर्माण मलबे को अलग-अलग कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों की साफ-सफाई के बाद उनके सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ईस्ट और वेस्ट के लिए अलग-अलग टीमें तैनात
ग्रेटर नोएडा ईस्ट क्षेत्र में इकोटेक-1, इकोटेक-1 एक्सटेंशन-1, इकोटेक-1 एक्सटेंशन, इकोटेक-10, इकोटेक-11, इकोटेक-6, इकोटेक-7, इकोटेक-8 और उद्योग विहार (इकोटेक-2) समेत अन्य औद्योगिक सेक्टरों को अभियान में शामिल किया गया है। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र के इकोटेक-3 और इकोटेक-12 में भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
निगरानी के लिए दो नोडल अधिकारी नियुक्त
अभियान की निगरानी के लिए ग्रेटर नोएडा ईस्ट में वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कार्य की प्रगति और टीमों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
कूड़ा फेंकने वालों पर होगी कार्रवाई
प्राधिकरण की टीमें औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी भी करेंगी। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा या मलबा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने के साथ वहां स्वच्छता की स्थायी व्यवस्था को मजबूत करना है।
एसीईओ खुद कर रहीं अभियान की निगरानी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस अभियान की स्वयं निगरानी कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोई भी औद्योगिक सेक्टर स्वच्छता अभियान से अछूता न रहे। प्राधिकरण का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए विशेष टीमें लगातार सफाई और निगरानी का कार्य करेंगी।
