देहरादून में 17 होमस्टे पर बड़ा एक्शन, रजिस्ट्रेशन हुआ निरस्त, जानिये वजह

Sanchar Now
3 Min Read

देवभूमि की शांति और कानून व्यवस्था को अक्षुण्ण रखने के संकल्प के साथ देहरादून जिला प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के ध्येय से जिलाधिकारी के निर्देश पर होमस्टे संचालन की गहन पड़ताल की गई। इस जांच अभियान के प्रथम चरण में मानकों का खुला उल्लंघन करने वाले 17 होमस्टे के पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।

सुरक्षा से खिलवाड़ और नियमों की अवहेलना पर कड़ा प्रहार

पिछले कुछ समय से शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशे के अवैध कारोबार और अनियंत्रित वाहन संचालन जैसी समस्याओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि कई होमस्टे रात भर नियम विरुद्ध तरीके से बार का संचालन कर रहे थे। इतना ही नहीं, बिना किसी उचित सत्यापन प्रक्रिया के पर्यटकों और संदिग्ध प्रवृत्ति के लोगों को ठहराया जा रहा था, जो जिले की कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका था।

सात दिनों का सघन अभियान और मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट

जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर महज सात दिनों के भीतर पांच मजिस्ट्रेट टीमों ने सहसपुर और रायपुर जैसे क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं की जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी:

  • अग्निशमन व्यवस्था का अभाव: कई स्थानों पर फायर सेफ्टी उपकरण या तो गायब थे या उनकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी।

  • व्यावसायिक दुरुपयोग: होमस्टे के नाम पर पंजीकृत संपत्तियों का उपयोग बारात घर और पूर्णतः व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

  • स्वामित्व का भ्रम: नियम के विरुद्ध होमस्टे को लीज या किराये पर चलाया जा रहा था, जहाँ स्वामी का निवास तक नहीं था।

  • विदेशी नागरिकों की सूचना में चूक: निरंजनपुर स्थित इकाइयों में विदेशी नागरिकों के ठहरने की अनिवार्य ‘सी-फॉर्म’ सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।

पढ़ें  'रामचंद्र दास के दबाव में कराई थी फर्जी FIR', अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगा पलटे आशुतोष

मूल उद्देश्य से भटकाव बना कार्रवाई का आधार

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ‘होमस्टे योजना’ का वास्तविक लक्ष्य उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों का संरक्षण और स्थानीय निवासियों को स्वावलंबी बनाना है। किंतु निरीक्षण में पाया गया कि कई संचालक इसे विशुद्ध रूप से होटल या अनियंत्रित व्यावसायिक प्रतिष्ठान की तरह चला रहे थे, जिससे सामाजिक समरसता और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। अब इन निरस्त इकाइयों को पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment