नोएडा एयरपोर्ट के महंगे किराए को लेकर भाजपा विधायक ने उठाए सवाल, UDF कम करने को लेकर लिखी PM-CM को चिट्ठी

Sanchar Now
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) के शुरू होने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है. एयरपोर्ट से उड़ानों का शेड्यूल तो जारी हो गया है, लेकिन शुरुआती टिकटों की ऊंची कीमतों ने सबको चौंका दिया है. इस मामले में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखा है. विधायक ने मांग की है कि जेवर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) और अन्य शुल्कों को तुरंत कम किया जाए ताकि आम आदमी के लिए हवाई सफर किफायती बना रहे.

दिल्ली से महंगा क्यों है जेवर? विधायक ने उठाए सवाल

विधायक धीरेंद्र सिंह ने अपने पत्र में इंडिगो एयरलाइंस के आगामी शेड्यूल का हवाला दिया है. उन्होंने बताया कि 15 जून से शुरू होने वाली लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट तक की उड़ान का किराया लगभग ₹5072 दिख रहा है. वहीं, उसी समय में लखनऊ से दिल्ली (IGI) एयरपोर्ट की फ्लाइट महज ₹3600 से ₹4300 के बीच मिल रही है. विधायक का कहना है कि अगर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किराया दिल्ली से ज्यादा होगा, तो लोग यहां क्यों आएंगे? यह न केवल यात्रियों की जेब पर बोझ है, बल्कि एयरपोर्ट की सफलता और प्रतिस्पर्धा पर भी सवालिया निशान लगाता है.

यूपी में सस्ता तेल, फिर भी महंगा सफर!

हैरानी की बात यह है कि उत्तर प्रदेश में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई जहाज के तेल पर टैक्स मात्र 1% है, जबकि दिल्ली में यह लगभग 25% है. टैक्स इतना कम होने के बावजूद जेवर से उड़ान भरना दिल्ली के मुकाबले महंगा साबित हो रहा है. विधायक ने इस विसंगति की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जब तेल सस्ता है, तो उसका फायदा यात्रियों को मिलना चाहिए, न कि किराए में बढ़ोतरी होनी चाहिए.

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कनेक्टिविटी की कमी और आर्थिक बोझ

पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि वर्तमान में जेवर एयरपोर्ट के लिए मेट्रो या रैपिड रेल जैसी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पूरी तरह तैयार नहीं है. ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR के यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ेगा. ऊपर से अगर टिकट के दाम भी दिल्ली से ज्यादा होंगे, तो यह पूरी तरह से तर्कहीन है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारी शुल्कों की वजह से यात्रियों की संख्या कम हो सकती है, जो एयरपोर्ट के भविष्य के लिए ठीक नहीं है.

विधायक की सरकार से प्रमुख मांगें

धीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नागरिक उड्डयन मंत्री को भी इस संबंध में पत्र भेजकर निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. प्रस्तावित यूज़र डेवलपमेंट फीस (UDF) एवं अन्य शुल्कों का पुनर्मूल्यांकन कर उन्हें युक्तिसंगत बनाया जाए.
  2. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रारंभिक संचालन वर्षों में यात्री शुल्क एवं UDF को दिल्ली एयरपोर्ट से कम रखा जाए.
  3. एयरपोर्ट को आम नागरिकों के लिए सुलभ एवं किफायती बनाए रखने हेतु आवश्यक नीति-निर्णय लिए जाएं.

विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार जनहित एवं प्रदेश के दीर्घकालिक आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी. बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन माने जाने वाले इस एयरपोर्ट से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं. अब देखना यह है कि शासन इस पत्र पर क्या संज्ञान लेता है और क्या आने वाले दिनों में जेवर से उड़ान भरना सस्ता होगा.

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