संचार नाउ। यूपीआई के जरिए होने वाले चुनिंदा बड़े व्यापारी लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर की ओर से जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला के नेतृत्व में जनजागरण मार्च निकाला गया। मार्च के बाद कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी और जेवर समेत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में व्यापारी डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में व्यापारी लेन-देन पर MDR लागू होने से भुगतान लागत बढ़ने की आशंका को लेकर छोटे और मध्यम कारोबारियों की चिंताओं को सरकार को ध्यान में रखना चाहिए।
जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि यूपीआई ने व्यापारिक भुगतान को तेज और सुविधाजनक बनाया है। उनका कहना था कि सीमित मार्जिन पर कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए भुगतान संबंधी अतिरिक्त लागत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सरकार से नीति के संभावित प्रभावों की समीक्षा करने और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखने की मांग की।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेन-देन मात्रा के लिहाज से करीब 5 प्रतिशत हो सकते हैं, लेकिन उनका मूल्य कुल UPI लेन-देन के लगभग 65 प्रतिशत तक है।
वहीं, केंद्र सरकार के अनुसार नया ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा और निर्धारित श्रेणी के ₹2,000 से अधिक के P2M लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से सीधे UPI शुल्क नहीं लिया जाएगा और करीब 96 प्रतिशत P2M लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे।
कांग्रेस ने सरकार से MDR व्यवस्था की समीक्षा करने तथा व्यापारियों और डिजिटल भुगतान उपयोगकर्ताओं पर इसके संभावित आर्थिक प्रभाव को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। प्रदर्शन में गौतम अवाना, मुकेश शर्मा, महाराज सिंह नागर, अशोक पंडित, मोहम्मद तकी, धर्मबीर प्रधान, निशा शर्मा, किशन शर्मा, केके भाटी एडवोकेट, रमेश यादव, रघुराज शर्मा, रूबी चौहान, नरेश शर्मा, सुरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण गुर्जर, मोहित भाटी एडवोकेट, नितीश चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
