असली दूल्हे को ठग ले गई फर्जी दुल्हन, पुलिस बनकर आए गिरोह ने की लूटपाट, सात गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में फर्जी शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि फर्जी दुल्हन और उसकी मुंहबोली बहन फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है. यह गिरोह फर्जी शादी कराकर दूल्हे और उसके परिवार को जेल भेजने का डर दिखाकर वसूली करता था.

इस पूरे मामले का खुलासा एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने 11 अप्रैल को पुलिस लाइंस के व्हाइट हाउस में किया. चिलुआताल थाने की पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पीड़ित पक्ष से ठगी के बाद 13 मार्च को चिलुआताल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था.

पुलिस के अनुसार, गिरोह राजस्थान के युवक को शादी के लिए गोरखपुर बुलाता था. यहां उसकी झूठी शादी कराकर पुलिस बनकर परिवार से 3.11 लाख रुपये वसूले गए. आरोपियों के पास से करीब 1 लाख 65 हजार रुपये बरामद हुए हैं. साथ ही फर्जी पुलिस आईडी और दो आधार कार्ड भी मिले हैं.

आरोपी कौन-कौन, कैसे चलता था गिरोह

पुलिस ने आरोपियों की पहचान  चिलुआताल क्षेत्र के उसका गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, कुड़वा के धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, सोनबरसा के रवि चौधरी, मोहरीपुर के मुन्ना जायसवाल, कुड़वा के नवमी शर्मा, बिलंतपुर खंता की शैला देवी और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी राजू शर्मा के रूप में की है.

एसपी नॉर्थ ने बताया कि गिरोह अंतरराज्यीय लोगों को शादी का झांसा देकर गोरखपुर बुलाता था. इसके बाद आरोपी पुलिस बनकर दूल्हे और उसके परिवार को बंधक बनाकर वसूली करते थे.

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गिरोह का सरगना अंकुर सिंह खुद को इंस्पेक्टर बनता था, जबकि उसके साथी सिपाही और दीवान की भूमिका निभाते थे. इसके जरिए बाहर से आए लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूले जाते थे.

राजस्थान के युवक को बनाया शिकार

पुलिस के मुताबिक राजस्थान के कोटा निवासी मुकेश मीणा अपने भाई ब्रजमोहन मीणा की शादी की तलाश कर रहे थे. दलाल राजू शर्मा ने उन्हें गोरखपुर की लड़की की फोटो दिखाकर शादी तय कराई और 12 मार्च को उन्हें गोरखपुर बुलाया.

चिलुआताल इलाके में हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर शैला देवी एक लड़की को लेकर आई और खुद को दुल्हन की मौसी बताया. वहीं पर ब्रजमोहन की शादी कराई गई.

शादी के तुरंत बाद अंकुर सिंह इंस्पेक्टर बनकर अपने साथियों के साथ पहुंचा और ब्रजमोहन को पकड़ लिया. पूरे परिवार को बंधक बनाकर जेल भेजने की धमकी दी गई और पैसे की मांग की गई.

डराकर वसूले लाखों रुपये

डर के माहौल में ब्रजमोहन मीणा ने कोटा फोन कर अपने परिवार को बंधक बनाए जाने की जानकारी दी और पैसे भेजने को कहा. इस तरह आरोपियों ने 3.11 लाख रुपये वसूल लिए.

पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1.65 लाख रुपये बरामद किए हैं. फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

गिरफ्तारी करने वाली टीम में चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे. पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से शादी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहा था और आगे की जांच जारी है.

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