संचार नाउ। युवा उद्यमिता और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए गलगोटिया विश्वविद्यालय ने 10 करोड़ रुपये के ‘गलगोटिया इनोवेशन फंड (GIC)’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य उभरते स्टार्टअप्स की पहचान कर उन्हें आर्थिक सहायता, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच दिलाना है।
विश्वविद्यालय का इनोवेशन इकोसिस्टम पहले से ही मजबूत है। ‘गलगोटिया इन्क्यूबेशन सेंटर (GICRISE)’ अब तक 135 स्टार्टअप्स को सहयोग दे चुका है, जिनमें से 30 स्टार्टअप्स राजस्व भी कमा रहे हैं। यह आंकड़े विश्वविद्यालय के सफल इनोवेशन मॉडल को दर्शाते हैं।
कैंपस में सुपरकंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर रिसर्च, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और 3डी प्रिंटिंग जैसे अत्याधुनिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही HP, Intel, Cisco, Tata Technologies, Microchip और L&T जैसी कंपनियों के सहयोग से आधुनिक लैब्स भी विकसित की गई हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि यह फंड छात्रों को उनके आइडिया को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।
यह फंड AI, हेल्थटेक, एडटेक, रोबोटिक्स, फिनटेक और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को विशेष रूप से सहयोग देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल छात्रों के लिए नए अवसर खोलेगी, बल्कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती देगी।
