संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को प्राधिकरण कार्यालय में हुई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में शहर के औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों, छात्रों, ग्रामीणों, आपदा प्रबंधन, सड़क और कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में अप्रवासी श्रमिकों के लिए पतवाड़ी और बिरौंडी में ईडब्ल्यूएस आवास बनाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ईकोटेक-6 और ईकोटेक-11 में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल के लिए जमीन श्रम विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं सेक्टर अल्फा-1 में 1360 वर्ग मीटर में पब्लिक लाइब्रेरी बनाने को भी मंजूरी मिली है।
दरअसल, कनेक्टिविटी के क्षेत्र में 130 मीटर रोड को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए पहले चरण में एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाई जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा फेस-2 से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर लंबी 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। सड़क 10 लेन और चार सर्विस लेन की होगी तथा मार्ग में तीन ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।
ग्रामीण सुविधाओं के तहत रिठौरी में रेलवे लाइन के ऊपर फुटओवर ब्रिज बनाने को मंजूरी दी गई है। इसमें रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट की सुविधा होगी। आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में एनडीआरएफ के रीजनल रेस्पॉन्स सेंटर को 30 फ्लैट निशुल्क आवंटित किए जाएंगे।
इसके अलावा आवासीय भूखंडों पर निर्माण पूरा करने और कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए आवंटियों को 30 जून 2028 तक अंतिम अवसर दिया गया है। वहीं वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सेंट्रल और ईस्ट जोन की सड़कों पर पांच वर्ष तक मैकेनिकल स्वीपिंग कराई जाएगी। बोर्ड के इन फैसलों से ग्रेटर नोएडा में आधारभूत ढांचे, नागरिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
