लखनऊः उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी जारी है. इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक पोस्ट कर सियासी बवाल मचा दिया है. अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में भाजपा के किस सहयोगी दल को कितनी सीटें मिलने वाली हैं, इसको लेकर उन्होंने जानकारी दी है. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, ‘सूत्रों के हवाले से आई ये ख़बर बेहद स्वागत योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी अपनी हार सामने देखकर, ‘पीडीए’ के दबाव-जवाब में अपने सहयोगी दलों को इधर-उधर छटकने से बचाने के लिए, कुछ चुनावी विशेषज्ञों की सलाह पर निम्न विवरण के अनुसार सीटें देने की योजना पर काम कर रही है.’ आरएलडी: 73 सीटें, सुभासपा: 39 सीटें, निषाद पार्टी: 31 सीटें, अपना दल: 19 सीटें मिलने वाली हैं.
आशीष पटेल ने अखिलेश यादव पर किया पलटवार
हालांकि अखिलेश यादव के इस पोस्ट को लेकर अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल के पति और योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि अपना दल ट्वीट और रीट्वीट का खेल नहीं खेलता, हम ज़मीन पर जनता के बीच काम करने और अपने गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहने में विश्वास रखते हैं. NDA पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहा है. शायद इसी हकीकत से परेशान होकर आप दूसरे के शब्दों को अफ़वाह बताने की कोशिश करते-करते स्वयं ही अफ़वाहों के वाहक बनते जा रहे. जनता सब देख रही है और 2027 में अपना स्पष्ट जनादेश देने जा रही है.
सपा मुखिया ने बीजेपी के प्लान को बताया फेल
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि यूं देखे तो ये एक सराहनीय बात है. लेकिन पीडीए की जनसंख्या के अनुपात में ये भी आधे से कम ही है. इसीलिए ये योजना बुरी तरह असफल ही होगी. यूं देखे तो ये एक सराहनीय बात है लेकिन पीडीए की जनसंख्या के अनुपात में ये भी आधे से कम ही है, इसीलिए ये योजना बुरी तरह असफल ही होगी. भाजपा का ये बड़ा प्लान इसलिए भी फ़ेल ही होगा क्योंकि :
– धर्म-धन चुराकर रामघात करनेवाले
– दुखी-माता का अपमान करनेवाले,
– बच्चों पर लाठियाँ चलवानेवाले
– भ्रष्टाचार-महंगाई-बेरोज़गारी बेतहाशा बढ़ानेवाले
– शिक्षा-परीक्षा में महा-घपला करनेवाले
– स्वास्थ्य सेवाओं को बीमार करनेवाले
– बिजली के लिए तड़पानेवाले
– सड़कों और अन्य निर्माणों को जानलेवा बनानेवाले
– चारित्रिक पतन के नये कीर्तिमान बनानेवाले
– झूठे मुक़दमों व फ़ेक एनकाउंटर करनेवाले
– लोगों के घरों-दुकानों पर बुलडोज़र चढ़वानेवाले
– लोगों को पुलिस हिरासत में मरवानेवाले
– प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालय तक बंद शिक्षालय बंद करवानेवाले
– टीचरों से चारा इकट्ठा करवानेवाले
– आशा, आंगनबाड़ी, सहायिका और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को आंदोलन करने पर मजबूर करनेवाले
– व्यापारियों-दुकानदारों-कारोबारियों का अधिकतम मुनाफ़ा घूस में खा जानेवाले
– खिलाड़ियों तक से पैसा खानेवाले
– कलाकारों के यश भारती सम्मान और उनको मिलनेवाली सम्मान राशि समाप्त करनेवाले
– किसान, मज़दूर, मेहनतकश और पेशेवरों व अन्य सभी को उनका हक़-अधिकार न देनेवाले
– अल्पकालिक अग्निवीर लाकर सालों से भर्ती के लिए मेहनत करनेवालों का मनोबल तोड़नेवाले
– विज्ञान और वैज्ञानिकों को मान न देनेवाले
– 69000 जैसी अनेक भर्तियों में आरक्षण मारनेवाले
– देश की संपत्ति बेचनेवाले
– संविधान को बदलने की साज़िश करनेवाले ‘भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों’ को अब जनता पूरी तरह नकार चुकी है और सदैव के लिए विदा करने के लिए बेसब्र है.
जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा
