टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास की भद्दी-भद्दी गालियां खाने वाले कुंवर सिंह निषाद को कांग्रेस ने बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्हें यूपी के मीडिया और प्रचार विभाग का चेयरमैन बना दिया है। अभी तक कुंवर सिंह निषाद केवल प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता थे। पिछले दिनों यूपी अध्यक्ष अजय राय की अयोध्या यात्रा के दौरान सावन में मछली भोज का मामला गरमाया था। सीएम योगी के निशाना साधने के बाद वार-पलटवार का लंबा दौर चला था। यहां तक कि अजय राय ने अपनी मानहानि मानते हुए सीएम योगी के खिलाफ कोर्ट भी पहुंच गए थे। मामला अभी भी अदालत में है।
मछली भोज पर चर्चा के दौरान हुई थी भिड़ंत
मछली भोज को लेकर ही एक टीवी चैनल पर डिबेट का आयोजन किया गया था। इसी डिबेट के दौरान अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने आपा खो दिया और वहां मौजूद कुंवर सिंह निषाद को भद्दी-भद्दी गलियां देने लगे थे। लाइव टीवी पर इस तरह से महंत की गालियों ने मछली भोज पर विवाद को पीछे छोड़ दिया और चर्चा राजू दास की गालियों पर आ गई थी।
कांग्रेस के साथ ही सपा और आम आदमी पार्टी ने भी इसे लेकर तीखा वार शुरू कर दिया था। मामले को निषाद समाज के सम्मान से जोड़ दिया गया था। अयोध्या में जिस सम्मेलन में सावन में मछली भोज का आरोप लगा, वह भी निषाद समाज ने ही आयोजित किया था। यहां तक कि योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी मछली भोज का समर्थन कर दिया था। कह दिया था।
नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने क्या कहा
कांग्रेस ने कुंवर की नियुक्ति की सूचना के साथ एक्स पर लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान और उनके संघर्ष की सदैव संरक्षक रही है। जो कार्यकर्ता विचारधारा की रक्षा के लिए अग्रणी पंक्ति में खड़े रहते हैं, उनके मान-सम्मान की रक्षा करना और उन्हें नेतृत्व देना पार्टी की प्राथमिकता है। कहा कि कांग्रेस में निष्ठा, संघर्ष और स्वाभिमान का स्थान हमेशा सर्वोपरि रहेगा।
निषाद की नियुक्ति से कांग्रेस का क्या संदेश
अब कांग्रेस में हुई इस नियुक्ति को आने वाले यूपी चुनाव से पहले निषाद समाज को बड़ा संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार में शामिल संजय निषाद इन दिनों वैसे ही निषाद समाज को आरक्षण को लेकर फिर से एक्टिव हुए हैं। सपा नेताओं से उनकी मुलाकात को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं।
