संचार नाउ, गौतमबुद्धनगर। जनपद में श्रमिक असंतोष और हालिया घटनाओं के बाद श्रम विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभाग ने उन संविदाकारों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है, जिनके श्रमिकों द्वारा आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। जांच में इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। ऐसे संविदाकारों को श्रमिकों के देय हितलाभों के भुगतान के लिए 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की राशि जमा कराने हेतु नोटिस जारी किया गया है।
श्रम विभाग के अनुसार, अन्य संदिग्ध संविदाकारों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों के वेतन, ओवरटाइम, बोनस, ग्रेच्यूटी और अन्य लाभों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और इसका भुगतान मई माह की 7 से 10 तारीख के बीच किया जाएगा।
अपर श्रमायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अलावा किसी अन्य प्रकार की कटौती स्वीकार्य नहीं होगी। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित संविदाकारों और प्रधान सेवायोजकों के खिलाफ वसूली, लाइसेंस निरस्तीकरण और न्यायालय में अभियोजन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
