संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स की आपूर्तिकर्ता कंपनी संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (SAMIL) ने सेक्टर-6 और सेक्टर-7 में औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए लगभग 3,491 करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तावित की है। इस परियोजना के जरिए अगले पांच वर्षों में करीब 15,000 से 20,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
दरअसल, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के साथ यमुना प्राधिकरण क्षेत्र औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बन रहा है। बेहतर होती कनेक्टिविटी और क्षेत्र में विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के बीच विभिन्न कंपनियां यहां निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। मदरसन समूह का प्रस्तावित निवेश भी इसी बढ़ते औद्योगिक आकर्षण की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स का होगा निर्माण
प्रस्तावित परियोजना में वायरिंग हार्नेस, पीवीसी इंसुलेटेड वायर, रियर-व्यू मिरर, ऑटोमोबाइल लाइटिंग सिस्टम, प्रिसिजन मेटल कंपोनेंट्स, एग्जॉस्ट सिस्टम और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स सहित कई उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इंजेक्शन मोल्डिंग, आधुनिक टूलिंग, असेंबली और उत्पादों की टेस्टिंग से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है।
मशीनरी और भवन निर्माण पर बड़ा खर्च
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित निवेश में 1,928 करोड़ रुपये प्लांट एवं मशीनरी, 997 करोड़ रुपये भवन निर्माण, 383 करोड़ रुपये यूटिलिटी और अन्य सुविधाओं तथा 183 करोड़ रुपये जमीन के लिए निर्धारित किए गए हैं। कुल प्रस्तावित निवेश लगभग 3,491 करोड़ रुपये है।
एयरपोर्ट से बढ़ीं औद्योगिक विकास की उम्मीदें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चलते यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। मदरसन की प्रस्तावित इकाई स्थापित होने पर स्थानीय युवाओं के साथ तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, इससे सहायक उद्योगों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
