संचार नाउ। उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रीन मोबिलिटी नीति के तहत गुरुवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नोएडा के शिल्प हाट सेक्टर-33 में आयोजित कार्यक्रम में सांसद महेश शर्मा, नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम., जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में नोएडा क्षेत्र में 50 बसें, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 25 बसें और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 25 बसें, कुल 100 अत्याधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। भविष्य में यात्रियों की मांग के अनुसार इस संख्या को बढ़ाकर 500 बसों तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का किराया बेहद किफायती रखा गया है। न्यूनतम किराया 20 रुपये, जबकि अधिकतम किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है। सभी बसें तय समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगी तथा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक तकनीकों से लैस होंगी।
यह इलेक्ट्रिक बसें शून्य प्रदूषण आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देंगी, जिससे वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता घटने से ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए बसों का संचालन चार प्रमुख रूटों पर किया जाएगा। इनमें बॉटनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, बॉटनिकल गार्डन से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बॉटनिकल गार्डन से नॉलेज पार्क (एक्सपो) तथा फेज-1 से बॉटनिकल गार्डन होते हुए नया बस अड्डा गाजियाबाद रूट शामिल हैं। यह सेवा स्थानीय निवासियों, छात्रों, औद्योगिक कर्मियों और दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
