संचार नाउ, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने को लेकर बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाकर करीब 850 तक की जा सकती हैं, जिनमें लगभग 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी। यह बदलाव आगामी परिसीमन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि देश की लगातार बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में वर्तमान सीटें पर्याप्त नहीं हैं। सीटों की संख्या बढ़ने से हर क्षेत्र को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे जनता की समस्याएं सीधे संसद तक पहुंच सकेंगी और उनके समाधान में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में एक सांसद पर बड़ी आबादी की जिम्मेदारी होती है, जिससे क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान देना कठिन हो जाता है। नई व्यवस्था लागू होने पर छोटे-छोटे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और स्थानीय समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं पर अधिक प्रभावी ढंग से काम किया जा सकेगा।
इस प्रस्ताव को नई संसद भवन की बढ़ी क्षमता के साथ भी जोड़ा जा रहा है, जहां अधिक सांसदों के बैठने की व्यवस्था पहले से ही की गई है। अब इस योजना पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा तेज होने की संभावना है।
