‘युवाओं की भावनाओं का सम्मान, 10 दिन से मन दुखी था’; धर्मेंद्र प्रधान ने चिट्ठी में क्या-क्या लिखा?

Sanchar Now
8 Min Read

नई दिल्ली: छात्रों के प्रदर्शन के बीच दिल्ली से बड़ी खबर आई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया. नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर दिल्ली समेत देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है.

धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं को संबोधित करते हुए लिखे पत्र में अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने लिखा, “…यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर की स्थिति का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी मुश्किलों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है…”

प्रधान ने लिखा, “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशक से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा हमेशा यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.”

उन्होंने आगे लिखा, “चूंकि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में अनियमितता पाई गई. भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया. साथ ही पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया.”

पढ़ें  बिहार चुनाव में कांग्रेस के ये 40 कैंपेनर करेंगे धुंआधार प्रचार, देंखे लिस्ट

उन्होंने कहा कि इस दौरान हमारी प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण के तहत काम किया गया. इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही. साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा संपन्न हुई. पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली. परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ.”

भारत की युवाशक्ति ही, देश की असली ताकत: प्रधान

उन्होंने लिखा, मैं हमेश हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं. वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं. पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है. देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है.

पढ़ें  लेबनान में पेजर ब्लास्ट का मिला केरल कनेक्शन! क्या वायनाड के शख्स के साथ इजरायल ने की थी डील?

प्रधान ने लिखा, जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है. मैं प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी से भी इस्तीफा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं.”

जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है. उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं. हम ऐसे ही नहीं जाएंगे. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. लेकिन जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए. उन्हें यह मिलना चाहिए. उन सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा. और दूसरी बात, 20 तारीख को जिन पुलिस वालों ने गुंडागर्दी की, उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. याद रखिए, कॉकरोच से पंगा मत लीजिए…”

पढ़ें  BSF का भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बड़ा एक्शन, राजस्थान में PAK रेंजर को पकड़ा

सरकार के साथ बातचीत के अगले दौर पर, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हमें दोपहर 3:30 बजे बुलाया गया है. जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं और वे उन्हें लिखित रूप में नहीं देते, तब तक हम कहीं नहीं जा रहे हैं. यह एक बड़ी जीत है.”

देश भर में कैंडल मार्च निकालने का आह्वान

कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, “अगर आप हमारी तीन मांगें लिखित रूप में मान लेते हैं, तो हम घर चले जाएंगे. हमने देश भर में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने की अनुमति मांगी है. सभी को शाम 6 बजे देश भर में कैंडल मार्च निकालना चाहिए.”

प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कुछ दिनों से जारी छात्रों का प्रदर्शन अब खत्म होने की उम्मीद है.

इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में अपने आवास पर छात्रों से मुलाकात की थी. बाद में उन्होंने कहा था कि छात्रों की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए. इसके बगैर कोई समझौता नहीं होगा.

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment