सैलरी का टाइम फिक्स, दोगुना ओवरटाइम और बोनस; नोएडा आंदोलन के बाद श्रमिकों को क्या-क्या मिला

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नोएडा में पिछले कई दिनों से चल रहे श्रमिक आंदोलन को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारी श्रमिकों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए वेतन में बढ़ोतरी, दोगुना ओवरटाइम और समय पर बोनस दिलाने का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से इन घोषणाओं के बाद मजदूरों से काम पर लौटने की अपील की गई है। हालांकि, सोमवार को हुई हिंसक झड़पों का असर अब भी दिख रहा है। शहर की ज्यादातर फैक्ट्रियों में दूसरे दिन भी कामकाज ठप रहा और कई जगहों पर मजदूर अब भी धरना दे रहे हैं।

‘यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए भी समिति बनेगी’

नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार की उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने वेतन में वृद्धि की सिफारिश करने के लिए सीएम योगी और उच्च अधिकार समिति को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘श्रमिकों की जो सबसे प्रमुख मांग थी वेतन वृद्धि की, उसे मान लिया गया है। इसके साथ और भी निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों का वेतन 10 तारीख से पहले खाते में एकमुश्त पहुंचे। सालाना बोनस नवंबर से पहले मिले। ओवरटाइम के लिए डबल वेतन दिया जाएगा। साप्ताहिक छुट्टी पर काम के लिए भी डबल वेतन दिया जाएगा। यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए समितियां गठित की जाएंगी, जिनकी अध्यक्ष महिलाएं रहेंगी। नोटिस बोर्ड पर इनके नाम प्रदर्शित किए जाएंगे।

‘हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है’

नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए नई व्यवस्थाओं का ऐलान किया है। अब श्रमिकों की शिकायतों के लिए विशेष शिकायत पेटियां लगाई जाएंगी और एक समर्पित कॉल सेंटर व कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। डीएम ने साफ किया कि वह खुद इन शिकायतों की मॉनिटरिंग करेंगी। उन्होंने श्रमिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘शासन और प्रशासन हमेशा आपके साथ है, लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।’ साथ ही, उन्होंने श्रमिकों की मांगों को स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया और शहर में शांति बनाए रखने की अपील की।

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वेतन में कितना इजाफा

आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपए प्रति माह के बजाय 13,690 रुपए प्रति माह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपए और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपए न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपए, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपए और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपए तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपए प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपए और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।

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