वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 05 अगस्त को कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इस दिन काल भैरव और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान करना चाहिए।
इससे शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। आज शूल योग सायं 05 बजकर 29 मिनट तक है। इस योग को अशुभ माना जाता है। बुधवार के दिन सूर्य देव कर्क राशि और चन्द्र देव मेष राशि में स्थित हैं। वहीं, राहुकाल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 5 August 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
तिथि: कृष्ण सप्तमी
मास: श्रावण
दिन: बुधवार
संवत्: 2083
तिथि: कृष्ण पक्ष की सप्तमी – रात्रि 08 बजकर 42 मिनट तक, फिर अष्टमी तिथि
योग: शूल – सायं 05 बजकर 29 मिनट तक, फिर गण्ड
करण: विष्टि (भद्रा) – प्रातः 09 बजकर 26 मिनट तक
करण: बव – रात्रि 08 बजकर 42 मिनट तक, फिर बालव
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 45 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 09 मिनट
चंद्रोदय का समय: रात्रि 11 बजकर 04 मिनट
चंद्रास्त का समय: प्रातः 11 बजकर 52 मिनट (06 अगस्त)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कर्क राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: दोपहर 02 बजकर 16 मिनट से दोपहर 03 बजकर 50 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 07 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 25 मिनट से प्रातः 09 बजकर 06 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव अश्विनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
अश्विनी नक्षत्र: रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक, फिर भरणी
स्थान: 0° मेष राशि से 13°20’ मेष राशि तक
नक्षत्र स्वामी: केतु
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: अश्विनी कुमार (देवताओं के चिकित्सक)
प्रतीक: घोड़े का सिर
सामान्य विशेषताएं: आकर्षक, सुंदर, आभूषण-प्रेमी, तेज बुद्धि, शांत, साहसी, बलवान, स्वस्थ, फुर्तीला, आत्मविश्वासी, खेल-प्रेमी, आक्रामक, क्रोधी।
