Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 30 अप्रैल 2026 : आज वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

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पंचांग के अनुसार, आज यानी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस तिथि पर नरसिंह जयंती (Narasimha Jayanti 2026)और छिन्नमस्ता जयंती मनाई जाती है।

धर्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु के चौथे अवतार ‘भगवान नरसिंह’ के प्राकट्य हुए थे और वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि को मां छिन्नमस्ता प्रकटोत्सव के रूप में मनाई जाती है।

इस अवसर पर कई योग का निर्माण हो रहा है। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 30 April 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: शुक्ल चतुर्दशी
मास: वैशाख
दिन: गुरुवार
संवत्: 2083

तिथि: शुक्ल चतुर्दशी – रात्रि 09 बजकर 12 मिनट तक, फिर पूर्णिमा
योग: वज्र – रात्रि 08 बजकर 55 मिनट तक, फिर सिद्धि
करण: गरज – प्रातः 08 बजकर 29 मिनट तक
करण: वणिज – रात्रि 09 बजकर 12 मिनट तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 41 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 56 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: सायं 05 बजकर 56 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: प्रातः 04 बजकर 59 मिनट (01 मई)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: मेष राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं (दोपहर 01:14 बजे तक, फिर तुला)

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
अमृत काल: सायं 07 बजकर 20 मिनट से रात्रि 09 बजकर 04 मिनट तक

आज के अशुभ समय

पढ़ें  Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 7 जून 2026 : आज अधिक मास की सप्तमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त

राहुकाल: दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से दोपहर 03 बजकर 37 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 09:00 बजे से प्रातः 10 बजकर 39 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 05 बजकर 41 मिनट से प्रातः 07 बजकर 21 मिनट तक

आज का नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र: रात्रि 02 बजकर 16 मिनट (01 मई) तक, फिर स्वाति
स्थान: 23°20’ कन्या राशि से 6°40’ तुला राशि तक
नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव
राशि स्वामी: बुधदेव और शुक्रदेव
देवता: त्वष्टा (सृजन और निर्माण के देवता)
प्रतीक: चमकता हुआ रत्न (मणि)
सामान्य विशेषताएं: बुद्धिमान, सुंदर शरीर, आकर्षक आंखें, कलाप्रेमी, रचनात्मक, मजबूत इच्छाशक्ति, साहसी, ऊर्जावान, पारखी नजर, विलासी, कभी-कभी चिड़चिड़े, थोड़े कंजूस।

नरसिंह जयंती 2026

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 29 अप्रैल, शाम 07 बजकर 51 मिनट तक
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 30 अप्रैल, रात 09 बजकर12 मिनट तक
पूजा मुहूर्त (सांयकाल): दोपहर 04 बजकर17 से शाम 06 बजकर 56 मिनट तक

वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को भगवान विष्णु के चौथे अवतार ‘भगवान नरसिंह’ के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन भक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु श्रीहरि ने आधा शेर और आधा मनुष्य का रूप धारण कर दैत्य हिरण्यकशिपु का वध किया था।

नरसिंह जयंती का व्रत एकादशी के समान ही नियमबद्ध होता है, जिसमें अनाज का सेवन वर्जित माना गया है। जातक इस दिन सामर्थ्य अनुसार उपवास रखते हैं और सांयकाल के विशेष मुहूर्त में प्रभु की आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजन करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं। अगले दिन सूर्योदय के पश्चात पारण कर व्रत संपन्न किया जाता है।

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