लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच उत्तर प्रदेश की सियासत भी उबल रही है। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के बीच कोई भी छात्रों को नाराज नहीं करना चाह रहा है। दिल्ली में जारी प्रदर्शन में यूपी के मुख्य विपक्षी गठबंधन के दोनों दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के जरिए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास हो रहा है। वहीं, लखनऊ में भी छात्रों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। लखनऊ समेत प्रदेश के तमाम जिलों में विपक्षी दल धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने नीट छात्रों से मुलाकात की है। इसके जरिए बड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है।
क्या है मामला?
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने शुक्रवार को नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों लखनऊ में भेंट की। पंकज चौधरी ने लखनऊ स्थित आवास पर नीट परीक्षा में सफल छात्रों का स्वागत किया। उनकी सफलता पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि छात्र ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। देश के भविष्य के निर्माता हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्र किसी पक्ष या विपक्ष के नहीं होते हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य अपने लक्ष्य को प्राप्त करना और राष्ट्र के विकास में अपनी रचनात्मक भूमिका सुनिश्चित करना होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ, देश के भविष्य के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सकारात्मकता के साथ समाधान खोजे जाने चाहिए।
युवाओं के प्रति प्रतिबद्ध सरकार
पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के हितों को लेकर प्रतिबद्ध है। युवाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक एक समस्या है। पिछली सरकारों के समय में भी दर्जनों पेपर लीक हुए हैं लेकिन मोदी सरकार में परीक्षा को लीक पू्रफ बनाने के लिए कड़े कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं।
सदन में चर्चा की बात
पंकज चौधरी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने निर्णय लिया है कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को कठोर दंड देने और केस के तेजी से निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार के निर्णयों की श्रृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नीट सहित अन्य विषयों पर भी सदन में चर्चा होनी चाहिए। सभी का प्रयास समस्या के समाधान का होना चाहिए। छात्रों और उनसे जुड़े किसी भी मुद्दे का राजनीतिकरण और अराजकता नहीं होनी चाहिए।
