तलाक लेकर मायके पहुंची बेटी तो रिटायर्ड जज पिता ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत, मेरठ का वीडियो दिल जीत लेगा

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यूपी में मेरठ में शनिवार को अनोखा नजारा देखने को मिला। जिसने समाज की पुरानी सोच पर कड़ा प्रहार किया। रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी इकलौती बेटी प्रणिता शर्मा के तलाक होने पर ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ उसका स्वागत किया। उन्होंने समाज की पुरानी रूढ़ियों को तोड़ती हुई एक नई मिसाल पेश की गई।

परिजनों के अनुसार शास्त्रीनगर निवासी प्रणिता का विवाह 14 दिसंबर, 2018 को शाहजहांपुर के रहने वाले मेजर गौरव अग्निहोत्री के साथ हुआ था। ​शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का व्यवहार बदल गया। ​पिछले 7-8 वर्षों से प्रणिता मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक उत्पीड़न सह रही थी। ​एक बेटा होने के बावजूद ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। ​आखिरकार, प्रणिता ने मेरठ फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी। जिसे शनिवार को मंजूरी मिल गई। परिवार ने हंसते-मुस्कुराते हुए फैमिली कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

एक नई शुरुआत का जश्न

तलाक को मंजूरी मिलने के बाद ​अनोखा स्वागत हुआ। कोर्ट से घर तक ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ परिजन नाचते-गाते आए। विशेष बात यह भी रही कि ​थीम बेस्ड सेलिब्रेशन हुआ। परिवार के सदस्यों ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी थी, जिस पर प्रणिता की फोटो के साथ ‘ आई लव माय डॉटर’ लिखा था। बेटी की घर वापसी पर पूरे मोहल्ले में मिठाइयां बांटी गईं।

पिता बोले- ‘बेटी सामान नहीं, मेरा गौरव है’

रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी के आत्मसम्मान को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा-मेरी बेटी कोई सामान नहीं है। वह मेरे परिवार का हिस्सा है। मैंने ससुराल पक्ष से कोई एलीमनी (भत्ता) या सामान वापस नहीं लिया है। मेरी बेटी बाजे-गाजे के साथ विदा हुई थी, तो उसकी वापसी भी उसी सम्मान के साथ होनी चाहिए थी, जो किया।’

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बेटी का संदेश : ‘चुप न रहें, खुद को मजबूत बनाएं’

​मनोविज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुकीं और वर्तमान में फाइनेंस डायरेक्टर के पद पर कार्यरत बेटी प्रणिता शर्मा ने अन्य महिलाओं के लिए एक सशक्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शादी से पहले शिक्षित और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहिए। ​प्रताड़ना न सहें। यदि आप किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रताड़ना का शिकार हैं, तो चुप रहने के बजाय अपने लिए आवाज उठाएं।

​परिवार का साथ

उन्होंने माना कि साल 2022 में भाई की मौत के बाद वह टूट चुकी थीं, लेकिन माता-पिता के अटूट सहयोग ने उन्हें फिर से खड़ा किया।

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