संचार नाउ। भगवान से मन्नत मांगना आस्था का हिस्सा है, लेकिन मन्नत पूरी न होने पर पूजा कराने वाले पुरोहित को ही जिम्मेदार ठहराकर उसका अपहरण कर लेना अपने आप में हैरान करने वाला मामला है। नोएडा से जौनपुर तक जुड़ी एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोप है कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद मनोकामना पूरी नहीं होने से नाराज दो लोगों ने पुरोहित को जौनपुर बुलाकर बंधक बना लिया और उसकी रिहाई के बदले परिजनों से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
दरअसल, जब पूजा करने के बाद भी मन्नत पूरी नहीं हुई तो आरोपियों ने पुरोहित के अपहरण की योजना बनाई जिसके बाद आरोपियों ने पुरोहित को जॉन पर बुलाया और एक कमरे में बंधक बना लिया और उसके परिजनों से उसकी रिहाई की आवाज में एक लाख रुपए की जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर्ज शुरू की जिसके बाद नोएडा पुलिस ने जौनपुर निवासी आशीष और प्रवेश को सर्फाबाद से गिरफ्तार किया है।
पूजा के बहाने बुलाया और बना लिया बंधक
मामला नोएडा निवासी पुरोहित अनिल तिवारी से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ समय पहले आशीष और प्रवेश ने अनिल तिवारी से धार्मिक अनुष्ठान कराया था। आरोपियों को उम्मीद थी कि पूजा-पाठ के बाद उनकी कोई खास मनोकामना पूरी हो जाएगी। लेकिन समय बीतने के बाद भी जब उनकी कथित मुराद पूरी नहीं हुई तो आरोपियों ने पुरोहित को ही निशाने पर ले लिया। आरोप है कि इसके बाद एक और पूजा कराने के बहाने अनिल तिवारी को जौनपुर बुलाया गया। जौनपुर पहुंचने के बाद कथित तौर पर उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया।
पूजा में खर्च पैसे वापस मांगने का आरोप
आरोपियों ने कथित तौर पर पुरोहित से पूजा में खर्च हुए पैसे वापस करने की मांग की। मामला यहीं नहीं रुका। पुरोहित को छोड़ने के एवज में उनके परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। साथ ही रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है। पुरोहित के बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने नोएडा के सेक्टर-113 थाने में शिकायत दर्ज कराई।
फिरौती लेने पहुंचे तो पुलिस ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पुलिस को जैसे ही फिरौती की रकम लेने के लिए आरोपियों के पहुंचने की जानकारी मिली, टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने सर्फाबाद के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद कथित अपहरण और रंगदारी के मामले का खुलासा हुआ।
आस्था और अंधविश्वास के बीच अपराध का सवाल
यह वारदात केवल अपहरण और रंगदारी का मामला नहीं, बल्कि समाज में आस्था के नाम पर बढ़ते अंधविश्वास पर भी सवाल खड़े करती है। मनोकामना पूरी नहीं होने पर पूजा कराने वाले पुरोहित को ही जिम्मेदार मानकर उसे बंधक बनाने का आरोप बताता है कि अंधविश्वास किस तरह अपराध का रास्ता खोल सकता है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
