उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ‘वन ट्रिलियन इकोनॉमी’ बनाने की बात होती है तो परदे के पीछे एक नाम हमेशा चर्चा में रहता है… और वो है प्रोफेसर केवी राजू का. अब खबर यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस भरोसेमंद आर्थिक सलाहकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. केंद्र सरकार ने प्रो. केवी राजू को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया है. यह नियुक्ति उनके दशकों के उस अनुभव पर मुहर है जिसने कई राज्यों की आर्थिक नीतियों को नई दिशा दी है.
प्रो. केवी राजू पिछले करीब नौ सालों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं. यूपी जैसे विशालराज्य की माली हालत सुधारने और विकास के रोडमैप तैयार करने में उनकी भूमिका अहम रही है. दिलचस्प बात यह है कि सीएम योगी से पहले वो कर्नाटक के मुख्यमंत्री के भी आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं. उत्तर से लेकर दक्षिण तक उनके आर्थिक विजन का लोहा पहले ही माना जा चुका है. अब नीति आयोग के माध्यम से वे पूरे देश की आर्थिक प्लानिंग में अपना योगदान देंगे.
गुजरात से शुरू हुआ सफर और वाशिंगटन तक धूम
केवी राजू ने करियर की शुरुआत गुजरात के मशहूर संस्थान आईआरएमए (IRMA) आनंद से की थी. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह हैदराबाद स्थित आईसीआरआईएसएटी (ICRISAT) में प्रिंसिपल साइंटिस्ट रहे तो कोलंबो के आईडब्ल्यूएमआई (IWMI) में सोशल साइंटिस्ट के रूप में अपनी सेवाएं दीं. इतना ही नहीं उनकी काबिलियत का डंका वाशिंगटन डीसी तक भी बजा. जहां उन्होंने आईएफपीआरआई (IFPRI) में विजिटिंग रिसर्च फेलो के तौर पर काम किया. बेंगलुरु के आईएसईसी (ISEC) में प्रोफेसर के तौर पर उन्होंने कई भावी अर्थशास्त्रियों को तैयार भी किया है.
किताबों के शौकीन और रिसर्च के मास्टर
अक्सर ब्यूरोक्रेसी और सलाहकारी की दुनिया में लोग फाइलों तक सीमित रह जाते हैं,. लेकिन केवी राजू एक सच्चे ‘अकादमिक योद्धा’ हैं. उनके नाम पर अब तक 26 किताबें दर्ज हैं. इसके अलावा 100 से ज्यादा शोध पत्र (रिसर्च पेपर) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं. आर्थिक नीति, सामाजिक विकास और कृषि जैसे विषयों पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि उन्हें सुनने के लिए दुनिया भर के विशेषज्ञ उत्सुक रहते हैं. नीति आयोग में उनकी नियुक्ति इसी लंबे अनुभव और शोध क्षमता का सम्मान है.
नीति आयोग की नई टीम में और कौन-कौन?
नीति आयोग के इस नए ढांचे में केवल केवी राजू के साथ कई अन्य दिग्गजों को भी शामिल किया है. अशोक कुमार लाहिड़ी को आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वहीं केवी राजू के साथ-साथ राजीव गौबा, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को भी पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है. यह नई टीम भारत की बदलती आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रणनीतियां तैयार करेगी.
