गोरखपुर में फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट को योगी कैबिनेट की मंजूरी, यहां होगी स्थापना

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने का मार्ग सोमवार को और प्रशस्त हो गया। गोरखपुर में प्रदेश का तीसरा फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए सोमवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल गई है।

गोरखपुर के चिलुआताल की लहरों पर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट लगाने की कार्ययोजना जल्द ही मूर्त होने वाली है। इसे गोरक्षनगरी को सोलर सिटी बनाने के सीएम योगी के प्रयासों का प्रतिफल माना जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उपक्रम कोल इंडिया लिमिटेड की तरफ से 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट को स्थापित करने में 140 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बता दें कि इसके पहले राज्य में दो फ्लोटिंग सोलर पॉवरप्लांट स्थापित हो चुके हैं। एक औरैया में एनटीपीसी की तरफ से 20 मेगावाट का और दूसरा खुर्जा में टीएचडीसी की तरफ से 11 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट लगाया गया है। गोरखपुर के फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट को कोल इंडिया लिमिटेड की तरफ से स्थापित किया जाएगा।

ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सीएम योगी का जोर क्लीन-ग्रीन एनर्जी (स्वच्छ-हरित ऊर्जा) पर है। इसे देखते हुए सरकार की तरफ से सोलर प्लांट को सतत बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के चिलुआताल को भी सौर ऊर्जा उत्पादन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। सीएम का मानना है कि चिलुआताल में पानी की सतह पर फ्लोटिंग पॉवर प्लांट की स्थापना कारगर सिद्ध हो सकता है। इसके लिए जब प्रयास शुरू किए गए तो कोल इंडिया लिमिटेड ने इच्छा जताई।

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ताल की लहरों पर लगेगा सोलर पैनल

तैयार की गई परियोजना के मुताबिक कोल इंडिया लिमिटेड चिलुआताल की लहरों पर 20 मेगावाट की क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पैनल लगवाएगी। इसके लिए कोल इंडिया की तरफ से ई-बिड का प्रकाशन 19 दिसंबर 2025 को किया गया। बिड जमा करने की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 रही जबकि 24 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे टेंडर खुलेगा।

गोरखपुर के चिलुआताल में फ्लोटिंग सोलर पैनल ऐसे स्पेशल फाइबर पर लगाए जाएंगे जो पानी में खराब नहीं होंगे। इस परियोजना के तहत प्रतिवर्ष 38.54 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट की कंट्रोल यूनिट हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की चहारदीवारी के समीप बनाई जाएगी।

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