संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में एहम फैसले लिए गए जो इस प्रकार है। 02 मई 2026 को आयोजित इस बैठक में शहर के समग्र विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, आवंटियों को राहत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। सबसे प्रमुख फैसला वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹6048 करोड़ के संतुलित बजट को मंजूरी देना रहा, जिसमें जमीन अधिग्रहण, ग्रामीण विकास और निर्माण कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है।
निवासियों को बड़ी राहत देते हुए इस वर्ष जल शुल्क में 10 प्रतिशत वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया गया, जो 2013-14 के बाद पहली बार है। साथ ही बकाया जल बिलों के निपटान के लिए तीन माह की ओटीएस योजना लागू की गई है, जिसमें ब्याज पर 40 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। इसके अलावा बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों के लिए भी ओटीएस योजना लागू कर प्रीमियम और लीज डीड पर भारी राहत दी गई है।
कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने और लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड बनाने का निर्णय लिया गया है, जिससे नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। वहीं, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देते हुए चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला लिया गया है।
शहर की यातायात समस्या को दूर करने के लिए परी चौक और आसपास के क्षेत्रों के लिए आईआईटी दिल्ली से ट्रैफिक समाधान योजना तैयार कराई जाएगी। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए इकोटेक-10 में 220 केवी का सबस्टेशन बनाया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से 102 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने के लिए ₹100 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जबकि एनडीआरएफ को आवास उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है। लिगेसी प्रोजेक्ट नीति के तहत अब तक 40,570 फ्लैट खरीदारों को मालिकाना हक मिल चुका है।
इसके अलावा कार्बन क्रेडिट परियोजनाएं, टेकजोन में मेघालय भवन और नॉलेज पार्क-5 में ईएसआई अस्पताल जैसे फैसले भी लिए गए हैं, जो ग्रेटर नोएडा को आधुनिक, सुव्यवस्थित और निवेश के लिहाज से और मजबूत बनाएंगे।
