संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए तीन हाइड्रोजन ईंधन आधारित बसों का संचालन शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के साथ इन अत्याधुनिक हाइड्रोजन बसों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यमुना सिटी में संचालित होने वाली ये बसें देश की ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना का हिस्सा हैं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही हैं।
यीडा के सेक्टर-28 स्थित मोबिलिटी विजिटर पार्क से इन बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेंगी, जिसमें डीजल या पेट्रोल की आवश्यकता नहीं होगी। खास बात यह है कि इन बसों में ईंधन के रूप में उपयोग होने वाला हाइड्रोजन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के शुद्ध किए गए पानी से तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल जलवाष्प (पानी) निकलती है, जिससे वायु प्रदूषण लगभग शून्य रहता है। परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष करीब 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। यह भारत का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन भी माना जा रहा है।
प्रत्येक बस की क्षमता 42 यात्रियों की है तथा एक बार में लगभग 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकेगी। एक बार फ्यूल भरने पर बस करीब 750 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी। यह सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना सिटी की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
यीडा अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना केवल प्रदूषण कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक परिवहन मॉडल की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्मार्ट मोबिलिटी को भी बढ़ावा मिलेगा।
