कहां गायब हुआ रवि काना, UP के 12 जिलों में पुलिस तलाश रही ठिकाना

Sanchar Now
5 Min Read

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का स्क्रैप माफिया रवि काना उर्फ रवि नागर बांदा जेल से बाहर आते ही लापता हो गया है. रवि काना का लापता होना इसलिए भी गंभीर हो गया है, क्योंकि इसके खिलाफ नोएडा कोर्ट से बी वारंट जारी था. हैरान करने वाली बात यह है कि कोर्ट की बिना अनुमति के ही रवि काना को बांदा जेल से रिहा कर दिया गया. हालांकि इस मामले में बांदा जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है. विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. नोएडा पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती और सिरदर्द यह है कि आखिर जेल से रिहा होते ही रवि काना अचानक से कहां गायब हो गया?

नोएडा पुलिस की 5 टीमें तलाश में जुटीं

स्क्रैप माफिया रवि काना के लापता होने के बाद नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर है. नोएडा पुलिस की पांच स्पेशल टीमें यूपी के 15 जिलों में दबिश दे रही हैं. पश्चिमी यूपी के कई जिलों के साथ-साथ नेपाल बॉर्डर पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस को आशंका है कि रवि काना पश्चिमी यूपी में कहीं छिपा हो सकता है या फिर नेपाल के रास्ते देश से बाहर निकलने की कोशिश कर सकता है.

बी वारंट जारी, फिर कैसे बांदा जेल रिहा हो गया?

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतम बुद्ध नगर की कोर्ट ने पूछा कि आखिर आरोपी रवि काना को बी वारंट के तहत पेश किया जाना था, लेकिन इसके बावजूद वह बिना किसी न्यायिक आदेश के जेल से कैसे रिहा हो गया? इस मामले में कोर्ट में बांदा जेल अधीक्षक से जवाब तलब किया था. मामला तूल पकड़ने के बाद बांदा जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया. उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए.

पढ़ें  हिस्ट्रीशीटर समेत तीन लुटेरे मुठभेड़ में गिरफ्तार, लूट और चोरी के एक दर्जन मुकदमे हैं दर्ज

सरिया और स्क्रैप का अवैध धंधा

नोएडा पुलिस के अनुसार, रवि काना संगठित अपराध गिरोह का लीडर है. इसका गैंग नंबर डी-190 है. इस गैंग में 18 अन्य लोग भी शामिल हैं. मुख्य सरगना रवि काना ही है. गैंग के अन्य सदस्यों के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर समेत दिल्ली-NCR में दर्जन भर आपराधिक केस दर्ज हैं. जांच में यह भी सामने आया कि यह गैंग अवैध तरीके से सरिया और स्क्रैप कारोबार से जुड़ा था. इसके गैंग के एक इशारे पर किसी भी कंपनी या फिर सरिया के बड़े-बड़े गोदाम पर स्क्रैप का टेंडर किसी और को नहीं देने दिया जाता था. ज्यादातर कंपनियां रवि काना गैंग को ही अपना स्क्रैप देती थीं.

करोड़ों की अवैध संपत्ति, रवि काना के नाम कई कंपनियां

रवि काना और इसके परिवार के सदस्यों के नाम पर आधा दर्जन कंपनियां हैं. करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति है. नोएडा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दर्जनों वाहन, बैंक खातों में जमा रकम, औद्योगिक भूखंडों पर कुर्की की कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई से रवि काना की कमर टूटी, लेकिन फिर भी अलग-अलग जगहों पर इसके गुर्गे अब भी अपराधिक गतिविधियों की कमान संभाले हुए हैं. रवि काना के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर समेत कई जिलों के अलग-अलग थानों में हत्या, लूट, धोखाधड़ी, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट के कुल 29 केस दर्ज हैं. वहीं गैंग के 18 लोगों के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में 131 मामले दर्ज हैं.

बिना पासपोर्ट जमा किए विदेश भाग गया था

नोएडा पुलिस में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, रवि काना ने एक मामले में अग्रिम जमानत लेते समय न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन किया था. पासपोर्ट जाम न कर अपनी गलफ्रेंड के साथ एक जनवरी 2024 को विदेश फरार हो गया था. इसके बाद रवि काना के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया. 24 अप्रैल 2024 को उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

पढ़ें  नोएडा में फर्नीचर की दुकान में लगी भीषण आग, दमकल कर्मियों ने टावर के अंदर फंसे लोगों को निकाला

गैर जमानती वारंट जारी, तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश

अब रवि काना के फरार होने के बाद कोर्ट ने इसके खिलाफ दोबारा से गैर जमानती वारंट जारी कर तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. पुलिस से कहा कि रवि काना को किसी भी हालत में जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कोर्ट में पेश किया जाए. रवि काना की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस और मुखबिर तंत्र दोनों का सहारा लिया जा रहा है.

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment