संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों और सेक्टरों में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या और इसे लेकर होने वाले विवादों के समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नई पहल शुरू की है। प्राधिकरण अब सभी संबंधित पक्षों की सहमति से प्रत्येक सोसाइटी में डॉग फीडिंग पॉइंट निर्धारित करेगा, ताकि निवासियों और डॉग फीडर्स के बीच होने वाले विवादों को समाप्त किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर इस पहल के तहत प्रत्येक गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष बैठक आयोजित की जा रही है। महाप्रबंधक आरके भारती की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, स्थानीय थाना प्रभारी, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति, प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA), एस्टेट मैनेजर और डॉग फीडर्स को एक मंच पर बैठाकर समाधान निकाला जा रहा है।
बैठकों में सभी पक्षों की सहमति से डॉग फीडिंग पॉइंट तय करने के साथ-साथ लोगों को एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
प्राधिकरण ने 31 दिसंबर 2026 तक 24 प्रमुख सोसाइटियों के लिए बैठक का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। अब तक सेवियर ग्रीन आर्क, पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड सोसाइटी के साथ बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। अगली बैठक 13 अगस्त को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बोर्ड रूम में आयोजित होगी। इसके बाद वर्षभर विभिन्न प्रमुख सोसाइटियों में चरणबद्ध तरीके से बैठकें कर डॉग फीडिंग पॉइंट तय किए जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सोसाइटीवासियों और डॉग फीडर्स के बीच आपसी सहमति बनाकर विवादों को समाप्त करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नियमित संवाद और समन्वय के माध्यम से आवारा कुत्तों की समस्या का व्यावहारिक समाधान निकलेगा और सभी पक्षों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
