संचार नाउ। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी के निर्देश पर लागू ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के परियोजना विभाग द्वारा कंपनियों और व्यक्तियों को मिलाकर कुल 46 मामलों में करीब 49.45 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और कार्रवाई का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
दरअसल, एनजीटी के आदेश के तहत ग्रैप-4 लागू होने के बाद निर्माण कार्यों पर रोक है और निर्माण सामग्री को ढककर रखने व नियमित पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी सामने आई। प्राधिकरण ने ऐसे सभी मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाया है।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर एसीईओ सुमित यादव के नेतृत्व में परियोजना विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। टीम ने बीते दो दिनों में विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक इकाइयों और रिहायशी क्षेत्रों में निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की। पेनल्टी की राशि एक सप्ताह के भीतर प्राधिकरण के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की जद में बिल्डर, औद्योगिक इकाइयां और व्यक्तिगत आवंटी भी आए हैं। ईटा वन क्षेत्र में 22 निवासियों पर कुल 6.70 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई, जहां ग्रैप-4 के नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसके अलावा सेक्टर-1, सेक्टर-12, ईकोटेक-6, ईकोटेक-8, खेड़ा चौगानपुर, भनौता, छपरौला और सहारा सिटी समेत कई क्षेत्रों में भी उल्लंघन पर जुर्माना लगाया गया।
एसीईओ सुमित यादव ने साफ कहा है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए तय नियमों का पालन अनिवार्य है। जो भी ग्रैप-4 के निर्देशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
