तेल संकट के बीच कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी का साफ संदेश, आम आदमी पर नहीं पड़ना चाहिए असर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इस दौरान पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर भी चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों और मंत्रालयों को निर्देश दिया कि वे साथ​ मिलकर काम करें ताकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर देश के नागरिकों पर कम से कम पड़े. उन्होंने सभी अहम मंत्रालयों को किसी भी संभावित चुनौती के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन (JJM) को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने जल जीवन मिशन के कुल बजट को बढ़ाकर 8.7 लाख करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी है. यह योजना पहले 2019 से 2024 की अवधि के लिए मंजूर की गई थी. अब तक इस योजना के तहत देश के लगभग 12.6 करोड़ ग्रामीण घरों को नल के जरिए पीने के पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है.

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ‘जल जीवन मिशन’ के क्रियान्वयन को लेकर भी केंद्र सरकार ने नए निर्देश जारी किए हैं, ताकि अब केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण के बजाय बेहतर सेवा वितरण पर ध्यान दिया जा सके. इसके तहत तीन महीनों के भीतर राज्यों के साथ अलग-अलग एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, ताकि संरचनात्मक सुधार सुनिश्चित किए जा सकें.

केंद्र ने मदुरै एयरपोर्ट को दिया इंटरनेशनल दर्जा

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इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. मदुरै से पहले से ही दुबई, अबू धाबी और कोलंबो के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही हैं और कई एयरलाइनों ने यहां से अंतरराष्ट्रीय सेवाएं बढ़ाने में रुचि दिखाई है. सरकार के अनुसार मदुरै हवाई अड्डे पर इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें कस्टम्स नोटिफिकेशन, इमिग्रेशन चेक फैसिलिटी, हेल्थ एंड क्वारंटीन अरेंजमेंट शामिल हैं.

इस फैसले से क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे मीनाक्षी अम्मन मंदिर, कूडल अज़गर मंदिर, थिरुपरनकुंड्रम मुरुगन मंदिर, पलामूधिर चोलाई मुरुगन मंदिर और रामेश्वरम मंदिर तक पहुंच आसान होगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से ऑटोमोबाइल, रबर, केमिकल और ग्रेनाइट जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही मदुरै शहर की पहचान एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में भी और मजबूत होगी.

IBC और कंपनी एक्ट में संशोधनों को दी मंजूरी

इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिवाला कानून और कंपनी कानून में संशोधनों को मंजूरी दे दी है. सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 और कंपनी एक्ट, 2013 में कई बदलावों को हरी झंडी दी है. हालांकि इन संशोधनों के विस्तृत विवरण तुरंत सामने नहीं आ सके हैं. दोनों कानूनों को कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय लागू करता है. पिछले साल अगस्त में मंत्रालय ने आईबीसी में संशोधन के लिए लोकसभा में एक विधेयक पेश किया था, जिसमें कई अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए थे.

इनमें दिवाला समाधान के लिए दाखिल आवेदनों को स्वीकार करने में लगने वाले समय को कम करने के प्रावधान भी शामिल हैं. यह विधेयक बाद में लोकसभा की एक चयन समिति को भेजा गया था, जिसने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी. पिछले महीने वित्त और कॉरपोरेट मामलों की केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार बजट सत्र के दूसरे चरण में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पेश करने की योजना बना रही है. बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू हो चुका है.

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