2017 से पहले ठेके पर होती थी नकल, शक की निगाहों से देखे जाते थे शिक्षक… गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, सपा पर किया बड़ा हमला

Sanchar Now
4 Min Read

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित समारोह में प्रदेश की बदली तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कार ही किसी राष्ट्र को सशक्त बनाने की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि उन्हें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते थे और नकल तक ठेके पर होने की चर्चा होती थी। प्रदेश की पहचान को लेकर युवाओं और शिक्षकों को दूसरे राज्यों में भी संशय की नजर से देखा जाता था। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में व्यवस्था बदली है और अब उत्तर प्रदेश के लोगों को बाहर सम्मान की नजर से देखा जाता है। इस बदलाव के वाहक प्रदेश के शिक्षक भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में कर्फ्यू और दंगे आम बात माने जाते थे। उन्होंने जन्माष्टमी के आयोजन का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस लाइनों, थानों, मोहल्लों और अन्य स्थानों पर कार्यक्रम हुए, लेकिन कहीं से दंगे या उपद्रव की खबर नहीं आई। उन्होंने कहा कि जिस माहौल में पहले स्कूल-कॉलेज चलाना भी मुश्किल था, आज वहां सुरक्षित वातावरण में शिक्षा व्यवस्था आगे बढ़ रही है।

योगी ने कहा कि भारत आदिकाल से ही ज्ञान की उपासना करने वाला देश रहा है। समय के साथ ज्ञान की परंपरा के स्वरूप में बदलाव आया, लेकिन शिक्षा और संस्कार का महत्व हमेशा बना रहा। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी मजबूत और समर्थ बन सकता है, जब उसकी भावनाओं और मूल्यों के अनुरूप शिक्षा और संस्कार नई पीढ़ी को मिलें। यह जिम्मेदारी शिक्षक से बेहतर कोई नहीं निभा सकता।

पढ़ें  2027 के ल‍िए चुनावी तैयारी की गति बढ़ाएगी बसपा, मायावती ने बुलाई संगठन की अहम बैठक

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में ज्ञान और गुरु परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है। मां सरस्वती की आराधना से जुड़े वसंत पंचमी और गुरु पूर्णिमा जैसे पर्व इसी परंपरा के प्रतीक हैं। शिक्षक दिवस शिक्षकों को देश की इसी समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ने और नई पीढ़ी को उससे परिचित कराने का अवसर देता है। गोरखपुर के योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल से अलग हटकर सभी 81 सम्मानित शिक्षकों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया था कि केवल 10 शिक्षक मंच पर आएंगे, लेकिन वह जानते थे कि सम्मान पाने वाले शिक्षक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लंबी दूरी तय करके यहां पहुंचे हैं। इसलिए सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित करना जरूरी समझा। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को संस्कारित करते हैं और इसके लिए उनका स्वयं संस्कारित होना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मौजूदगी और उनका उत्साह इस समारोह को नई ऊर्जा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में उस परंपरा का सम्मान है, जो पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध से जोड़ती है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया। समारोह में बेसिक शिक्षा विभाग के और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment