आजमगढ़ जनपद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने अंतरजनपदीय टप्पेबाज गैंग के सरगना राज उर्फ सवारिया की एक करोड़ 92 लाख रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की गई है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि राज उर्फ सवारिया अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह चलाता था। यह गैंग प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या राम मंदिर जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर टप्पेबाजी और चोरी करता था। गैंग के सदस्य श्रद्धालुओं और आमजन के सोने-चांदी के आभूषण और रुपये चुराते थे। अपराध से अर्जित अवैध धन का उपयोग भूमि खरीदने और अपने साम्राज्य का विस्तार करने में किया जाता था।
राज उर्फ सवारिया ने ग्राम नदौरा तकरकारी और गड़ेरी पट्टी में कुल 538.55 वर्ग मीटर भूमि खरीदी थी। राजस्व विभाग ने इस भूमि का मूल्यांकन किया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 92 लाख रुपये पाई गई। विवेचक अमित कुमार मिश्रा की प्रभावी जांच के बाद यह तथ्य स्थापित हुआ कि भूमि अवैध धन से खरीदी गई थी। जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्की का आदेश दिया।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि राज उर्फ सवारिया का गैंग आर्थिक लाभ के लिए सक्रिय था। गैंग के सदस्य समर उर्फ अरुण, सुरेश राम, पूनम, लक्ष्मी, रीना, संतरा देवी, संतोष वर्मा उर्फ तोसू वर्मा, अंजली उर्फ लक्ष्मी और राधा थे। ये लोग प्रमुख धार्मिक स्थलों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर टप्पेबाजी करते थे। श्रद्धालुओं और आमजन को निशाना बनाकर सोने-चांदी के आभूषण और रुपये चुराते थे।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में थाना बिलरियागंज पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कुर्की की। डुगडुगी पिटवाकर नियमानुसार भूमि को प्रशासनिक कब्जे में लिया गया। एसपी ग्रामीण चिराग जैन कहा कि संगठित अपराध और अवैध संपत्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना प्राथमिकता है।
